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होरा पर आरोप- गुरुचरण सिंह होरा का बड़ा फर्जीवाड़ा : मृत महिला को ‘जिंदा’ दिखाकर हड़पी राजधानी की करोड़ों की जमीन, 420 का अपराध दर्ज

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रायपुर – रायपुर से फर्जी रजिस्ट्री कांड में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक मृत महिला को “जिंदा” दिखाकर करोड़ों की ज़मीन हड़प ली गई। इस मामले में मुख्य आरोपी होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा समेत 7 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अब इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है।

रायपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में करोड़ों की जमीन गड़बड़ घोटाला सामने आया है। रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवांगन और उनके साथियों ने चंगोराभाठा इलाके के खसरा नंबर 78 की ज़मीन चमारिन बाई सोनकर के वारिसों से खरीदी थी।लेकिन जब वे कब्जा लेने पहुंचे, तो वहां पहले से गुरुचरण सिंह होरा और उसके साथी मौजूद थे जिन्होंने ज़मीन को अपनी संपत्ति बताया।

जांच में सामने आया कि चमारिन बाई सोनकर की मौत वर्ष 1980 में हो चुकी थी लेकिन गुरुचरण सिंह होरा ने 1999 में उन्हें जिंदा दिखाते हुए “निर्मला सोनकर” नाम की फर्जी महिला के जरिए मुख्तियारनामा बनवा लिया।

इसी फर्जी दस्तावेज़ के ज़रिए करोड़ों की ज़मीन पर रजिस्ट्री करा ली गई। बाद में अदालत ने उस मुख्तियारनामे को फर्जी और शून्य घोषित कर दिया। इसके बावजूद जब पीड़ित पक्ष ज़मीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो आरोपियों ने उन्हें धमकाकर भगा दिया और अपने नाम का बोर्ड भी लगा दिया।

शिकायत पर अब सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गुरुचरण सिंह होरा, दलविंदर सिंह बेदी, मंजीत सिंह, इंद्रपाल सिंह, रंजित सिंह, हरपाल सिंह, अविनाश सिंह और लवी बेदी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 506, 34 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी गुरुचरण सिंह होरा के खिलाफ पहले भी जमीन कब्जा और फर्जीवाड़े के कई मामले दर्ज हैं। अब यह पूरा नेटवर्क पुलिस जांच के घेरे में है।

सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्री विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है क्योंकि बिना स्थल के फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर रजिस्ट्री कर दी गई थी।एक मृत महिला को जिंदा दिखाकर ज़मीन हड़पने की यह वारदात न केवल कानूनी प्रणाली बल्कि प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इन राजनीतिक रसूखदार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है।

गुरुचरण सिंह होरा पर यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उनके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज हो चुका है। केबल टीवी के व्यवसाय में आर्थिक अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोप में उनके विरुद्ध धारा 420 के तहत आपराधिक मामला कायम किया गया था। उस समय भी उन्होंने निवेशकों और साझेदारों को गुमराह कर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की थी। अब एक बार फिर उन पर फर्जी रजिस्ट्री के जरिए जमीन हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे उनका पुराना विवादास्पद इतिहास फिर सुर्खियों में आ गया है।