रायपुर – छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है.लेकिन उससे पहले ही सिस्टम पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है.प्रदेशभर में धान खरीदी ऑपरेटर और डेटा-एंट्री ऑपरेटर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. हड़ताल का आज 12वां दिन है. धान खरीदी की सारी तैयारी ठप हो चुकी है. इसी बीच बिलासपुर में संभाग के कर्मचारियों ने विशाल प्रदर्शन किया. जहां लोकल 18 की टीम पहुंचकर हड़ताली कर्मचारियों से बात की. कर्मचारियों का कहना है, मांगें पूरी होने तक काम पर वापसी नहीं होगी.
प्रदेशभर के 15 हजार कर्मचारी हड़ताल पर
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में धान खरीदी केंद्रों के ऑपरेटर और डेटा एंट्री कर्मचारी काम बंद कर चुके हैं. हड़ताल के चलते पोर्टल अपडेट, किसान रजिस्ट्रेशन, टोकन और खरीदी की तकनीकी तैयारियां पूरी तरह रुक गई हैं.
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में धान खरीदी केंद्रों के ऑपरेटर और डेटा एंट्री कर्मचारी काम बंद कर चुके हैं. हड़ताल के चलते पोर्टल अपडेट, किसान रजिस्ट्रेशन, टोकन और खरीदी की तकनीकी तैयारियां पूरी तरह रुक गई हैं.
बिलासपुर में बड़ा प्रदर्शन
बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रदर्शन स्थल पर आज बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे. नारों, पोस्टरों और बैनर के साथ वे लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं. इसी दौरान लोकल 18 की टीम ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार की चुप्पी पर नाराज़गी जताई.
बिलासपुर में संभाग स्तरीय प्रदर्शन स्थल पर आज बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे. नारों, पोस्टरों और बैनर के साथ वे लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं. इसी दौरान लोकल 18 की टीम ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार की चुप्पी पर नाराज़गी जताई.
मंत्रिमंडल से निराशा मिली
एकलव्य चंद्रा, जिला अध्यक्ष शक्ति कहा, “हम 3 तारीख से हड़ताल पर हैं और आज 12 दिन हो गए हैं. हमें उम्मीद थी कि मंत्रिमंडल की बैठक में हमारी मांगों पर चर्चा होगी, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया. हमारी मांगें वर्षों से लंबित हैं. हमें 12 महीने का वेतन, नियमितीकरण, वरिष्ठता और प्रबंधकीय अनुदान चाहिए.”
एकलव्य चंद्रा, जिला अध्यक्ष शक्ति कहा, “हम 3 तारीख से हड़ताल पर हैं और आज 12 दिन हो गए हैं. हमें उम्मीद थी कि मंत्रिमंडल की बैठक में हमारी मांगों पर चर्चा होगी, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया. हमारी मांगें वर्षों से लंबित हैं. हमें 12 महीने का वेतन, नियमितीकरण, वरिष्ठता और प्रबंधकीय अनुदान चाहिए.”
अगर हम चोर हैं, तो खुद धान खरीदी करके दिखाए
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा “कहा जा रहा है कि ऑपरेटर गड़बड़ी करते हैं. तो हम कहते हैं, सहकारिता विभाग खुद धान खरीदी करके दिखाए. सिस्टम तभी चलता है जब हम होते हैं. अगर हम नहीं रहेंगे तो धान खरीदी ठप हो जाएगी.
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा “कहा जा रहा है कि ऑपरेटर गड़बड़ी करते हैं. तो हम कहते हैं, सहकारिता विभाग खुद धान खरीदी करके दिखाए. सिस्टम तभी चलता है जब हम होते हैं. अगर हम नहीं रहेंगे तो धान खरीदी ठप हो जाएगी.
वैकल्पिक व्यवस्था हो जाएगी असफल
मीनाक्षी यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया “सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर कृषि विभाग, पटवारी, पंचायत सचिव, सीईओ और अब सीएससी ऑपरेटरों को जिम्मेदारी देने की कोशिश की, पर सभी ने हाथ खड़े कर दिए. क्योंकि धान खरीदी केवल सिस्टम चलाना नहीं, बल्कि प्रक्रिया समझना है और वह समझ सिर्फ हमारे पास है.” मीनाक्षी यादव ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में जाकर देखें, कोई तैयारी नहीं है. बिना हमारी भागीदारी खरीदी असंभव है.
मीनाक्षी यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया “सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर कृषि विभाग, पटवारी, पंचायत सचिव, सीईओ और अब सीएससी ऑपरेटरों को जिम्मेदारी देने की कोशिश की, पर सभी ने हाथ खड़े कर दिए. क्योंकि धान खरीदी केवल सिस्टम चलाना नहीं, बल्कि प्रक्रिया समझना है और वह समझ सिर्फ हमारे पास है.” मीनाक्षी यादव ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में जाकर देखें, कोई तैयारी नहीं है. बिना हमारी भागीदारी खरीदी असंभव है.
किसानों में बढ़ी चिंता
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होनी है. लेकिन टोकन जारी न होने और पोर्टल संचालन ठप रहने से किसानों में बेचैनी बढ़ रही है. कई किसान केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई अपडेट नहीं मिल रहा.
धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होनी है. लेकिन टोकन जारी न होने और पोर्टल संचालन ठप रहने से किसानों में बेचैनी बढ़ रही है. कई किसान केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई अपडेट नहीं मिल रहा.
समाधान की राह मुश्किल
हड़ताल के बाद सरकार पर दो विकल्प हैं, मांगें मानकर कर्मचारियों की वापसी सुनिश्चित की जाए या नया सिस्टम लागू किया जाए, लेकिन मौजूदा स्थिति बताती है कि धान खरीदी प्रक्रिया गंभीर संकट में है. हड़ताली कर्मचारियों ने साफ कहा है, मांगें पूरी होने तक प्रदेश में धान खरीदी शुरू नहीं होगी
हड़ताल के बाद सरकार पर दो विकल्प हैं, मांगें मानकर कर्मचारियों की वापसी सुनिश्चित की जाए या नया सिस्टम लागू किया जाए, लेकिन मौजूदा स्थिति बताती है कि धान खरीदी प्रक्रिया गंभीर संकट में है. हड़ताली कर्मचारियों ने साफ कहा है, मांगें पूरी होने तक प्रदेश में धान खरीदी शुरू नहीं होगी






