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पाक‍िस्‍तान का अब कंधार पर हमला, ताल‍िबान के लड़ाकों का पलटवार देख भागी PAK आर्मी

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पाक‍िस्‍तान ने एक बार फ‍िर अफगान‍िस्‍तान के साथ दगा क‍िया. एक ओर तुर्की के इस्‍तांबुल में सीजफायर पर बात होने जा रही है, उससे ठीक पहले पाक‍िस्‍तानी फौज ने अफगान‍िस्‍तान के कंधार शहर पर ताबड़तोड़ हमले क‍िए हैं. पाक फौज ने मोर्टार दागे और ताल‍िबान के लड़ाकों को निशाना बनाया. सूत्रों के मुताबिक, ताल‍िबान लड़ाकों के जवाबी हमले के बाद पाक‍िस्‍तानी फौज भाग खड़ी हुई.
सोशल मीडिया में कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें धुआं उठता दिख रहा है और लोग भागते नजर आ रहे हैं. हालांक‍ि, न्‍यूज18 इन वीडियोज की पुष्टि नहीं करता. अफगान‍िस्‍तानी मीडिया TOLOnews ने बताया क‍ि पाक‍िस्‍तान के हमले के बाद कंधार प्रांत के स्पिन बोलदक ज‍िले में एक बार फिर दोनों सुरक्षाबलों के बीच तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तानी बलों ने अफगानिस्तान के सीमा रक्षकों पर गोलीबारी की. यह झड़प लुकमान गांव में हुई, जहां पहले गोलीबारी और बाद में मोर्टार हमले भी किए गए.
एक घर को बनाया न‍िशाना
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी पक्ष ने इस दौरान इलाके के एक नागरिक घर को भी निशाना बनाया. फिलहाल दोनों ओर से गोलीबारी बंद हो चुकी है. स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण इलाके में डर का माहौल है, जबकि स्थानीय लोग संघर्ष के बीच शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं.
एक घर को बनाया न‍िशाना
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी पक्ष ने इस दौरान इलाके के एक नागरिक घर को भी निशाना बनाया. फिलहाल दोनों ओर से गोलीबारी बंद हो चुकी है. स्थानीय अधिकारियों ने इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण इलाके में डर का माहौल है, जबकि स्थानीय लोग संघर्ष के बीच शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं.
इस्लामाबाद और काबुल के बीच इस्तांबुल में हुई वार्ता पर टिप्पणी करते हुए पाकिस्तान के अफगानिस्तान मामलों के पूर्व विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी ने कहा कि अफगानिस्तान में टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को नियंत्रित करने की इस्लामाबाद की जिद आतंकी हमलों की समस्या का हल नहीं है. दुर्रानी के अनुसार, टीटीपी को पराजित करना तभी संभव है जब पाकिस्तान को अपनी जनजातीय आबादी का समर्थन मिले. उन्होंने कहा कि केवल बाहरी दबाव या सीमा पार कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी. पूर्व राजनयिक ने जोर देकर कहा कि इस्लामाबाद को टीटीपी का समाधान अपने भीतर ढूंढना होगा, क्योंकि आतंकी नेटवर्क की जड़ें पाकिस्तान की सीमाओं के भीतर ही फैली हुई हैं.