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बस हादसे में लापता बच्चे का शव मिला, मृतकों की संख्या 16 पहुंची, यहां देखें सूची

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बिलासपुर – अक्सर जिस शुक्र खंड पुल के आसपास खड्ड एवं पानी की बहाव की आवाजें सुनाई देती थीं, वहां मंगलवार देर शाम को एकाएक चीख पुकार सुनाई देने लगीं। यह हादसा प्राकृतिक आपदा से ज्यादा व्यवस्था से भरा हुआ हादसा साबित हुआ है। प्रशासन तौर पर हुई लापरवाही एक ही स्तर पर नहीं हुई, बल्कि बचाव कार्य में भी इसका असर दिखाई दिया।

बिलासपुर बस हादसा: व्यवस्था में हुई देरी और निकल गई कइयाें की जानशाम के समय जब यह हादसा हुआ तो सबसे पहले वहां स्थित एक मंदिर के बाबा और वहां उपस्थित श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ ही ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को सीधे शब्दों में सूचित किया गया कि यहां बहुत बड़ा हादसा हुआ है और बस दिखाई तक नहीं दे रही है।

यह जगह यात्रा करने के लिए सुरक्षित नहीं- जयराम
घटनास्थल पर पहुंचे जयराम ने कहा कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है। यह जगह यात्रा करने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। 16 लोगों की मौत हो गई है। पहाड़ की चट्टानों में दरारें पड़ गई हैं। सरकार और विभाग तुरंत आवाजाही पर रोक लगाए और ये सुनिश्चित करें कि आगे कोई दुर्घटना न हो।

रात 2:30 बजे ऑपरेशन को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जिसे सुबह 6:40 बजे फिर से शुरू किया गया। मौके पर दो एनडीआरएफ टीमें, क्यूआरटी और होम गार्ड की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ डटी हुई हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसी बिलासपुर, एसपी बिलासपुर और एसडीएम झंडूता घटनास्थल पर मौजूद हैं और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। सभी मृतकों के शवों को सीएचसी बरठीं लाया गया, जहां पोस्टमार्टम प्रक्रिया सुबह 7:00 बजे शुरू हुई।

सीएमओ बिलासपुर की देखरेख में अतिरिक्त चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है। प्रक्रिया सुबह 10:30 बजे तक पूरी होने की संभावना है। सभी मृतकों की पहचान कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। प्रशासन ने तत्काल राहत के रूप में  25,000 प्रति मृतक परिजन को प्रदान किए हैं। वहीं, एसडीआरएफ मानकों के तहत आगे की आर्थिक सहायता प्रक्रिया में है। गांव भल्लू और आसपास के क्षेत्रों में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार राहत एवं पुनर्वास कार्यों में लगे हुए हैं।

मृतकों की सूची
मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये और घायलों को पांच-पांच हजार की फाैरी राहत दी गई है। 

1. सरीफ खान(25) पुत्र स्व. डेले राम, वीपीओ मलांगण, तहसील झंडूता।
2. रजनीश कुमार (36) पुत्र स्व. मेहर सिंह, ग्राम बराड़, तहसील झंडूता।
3. चुन्नी लाल (52) पुत्र स्व. अमर सिंह, ग्राम बराड़, तहसील झंडूता।
4. राजीव उर्फ सोनू (40) पुत्र स्व. धर्म सिंह, ग्राम कच्युत, तहसील घुमारवीं।
5. बख्शी राम (42) पुत्र स्व. गरका राम, गांव भल्लू, तहसील झंडूता।
6. नरेंद्र शर्मा (52) पुत्र स्व. चरणजी लाल, वीपीओ छत, तहसील घुमारवीं।
7.  कृष्ण लाल (30 पुत्र स्व. रतन सिंह, ग्राम थापना नारली, तहसील श्री नैना देवी जी।
8. नक्ष (7) पुत्र विपिन कुमार, गांव फागोग, तहसील झंडूता।
9.प्रवीण कुमार (40) पुत्र कृष्ण चंद, गांव डोहाग, उपतहसील कलोल।
10. अंजना देवी (29) पत्नी स्व. विपिन कुमार, गांव फागोग, तहसील झंडूता।
11. आरव (4) पुत्र विपिन कुमार, गांव फागोग, तहसील झंडूता।
12. कांता देवी (51) पत्नी स्व. अमर सिंह, ग्राम शियोथा, तहसील घुमारवीं।
13. कुमारी विमला देवी (35) पत्नी संजीव कुमार, गांव फुंदन,  तहसील बड़सर।
14. कमलेश (36 वर्ष) पत्नी राज कुमार, गांव फागोग, तहसील झंडूता।
15. संजीव कुमार (35) पुत्र स्व. बलबीर गांव, फुंदन, बड़सर।
16. राहुल (7) पुत्र स्व. मिंटू कुमार, ग्राम बामटा,  तहसील सदर बिलासपुर।

घायल
आरुषि (10) पुत्री राज कुमार गांव फागोग, झंडूत्ता
शोर्य (08) पुत्र स्व. राज कुमार गांव फागोग, झंडूता

बिलासपुर हादसे के मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देगी सरकार : सुक्खू
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली रात बिलासपुर में बड़ी दुखद घटना हुई है। बस के भूस्खलन की चपेट में आने के इस मामले में राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देगी। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के अनुसार इसमें करीब 18 लोग सवार थे। उन्हें जैसे ही प्रशासन से सूचना मिली और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने उन्हें सूचना दी तो यहां पोकलेन और जेसीबी लगाए गए। इस हादसे में तकरीबन 16 लोगों की मौत हुई है। एक शव बुधवार सुबह मिला है। इसमें एक बेटा और बेटी जीवित बचे हैं।

राज्यपाल ने बिलासपुर बस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने बिलासपुर जिले के झंडूता उप मंडल में भल्लू पुल के पास मंगलवार शाम हुए भीषण भूस्खलन में लोगों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है, जहां मलबा अचानक एक निजी बस पर गिर गया। राज्यपाल ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।