बिलासपुर – अक्सर जिस शुक्र खंड पुल के आसपास खड्ड एवं पानी की बहाव की आवाजें सुनाई देती थीं, वहां मंगलवार देर शाम को एकाएक चीख पुकार सुनाई देने लगीं। यह हादसा प्राकृतिक आपदा से ज्यादा व्यवस्था से भरा हुआ हादसा साबित हुआ है। प्रशासन तौर पर हुई लापरवाही एक ही स्तर पर नहीं हुई, बल्कि बचाव कार्य में भी इसका असर दिखाई दिया।
शाम के समय जब यह हादसा हुआ तो सबसे पहले वहां स्थित एक मंदिर के बाबा और वहां उपस्थित श्रद्धालु पहुंचे। इसके साथ ही ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को सीधे शब्दों में सूचित किया गया कि यहां बहुत बड़ा हादसा हुआ है और बस दिखाई तक नहीं दे रही है।
यह जगह यात्रा करने के लिए सुरक्षित नहीं- जयराम
घटनास्थल पर पहुंचे जयराम ने कहा कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है। यह जगह यात्रा करने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। 16 लोगों की मौत हो गई है। पहाड़ की चट्टानों में दरारें पड़ गई हैं। सरकार और विभाग तुरंत आवाजाही पर रोक लगाए और ये सुनिश्चित करें कि आगे कोई दुर्घटना न हो।






