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कैसे आती है इंसान को मौत! क्या सच में आता है यमराज? जानिए क्या कहता है साइंस

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हर धर्म, हर संस्कृति में मृत्यु को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं.कुछ लोग मानते हैं कि मरने के बाद आत्मा स्वर्ग या नरक में जाती है. वहीं विज्ञान यह जानने की कोशिश कर रहा हैं कि जब किसी की मृत्यु होती है तो

जब किसी की मृत्यु होती है, तो मन दुख में डूब जाता है. लेकिन उसके साथ-साथ एक और सवाल मन में बार-बार उठता है कि आखिर जब कोई मरता है तो उसके साथ क्या होता है, क्या सच में यमराज आते हैं, क्या आत्मा दोबारा धरती पर आती है और विज्ञान इसके बारे में क्या कहता है. हर धर्म, हर संस्कृति में मृत्यु को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं.

कुछ लोग मानते हैं कि मरने के बाद आत्मा स्वर्ग या नरक में जाती है, कुछ मानते हैं कि वह नया जन्म लेती है, और कुछ का मानना है कि सब यहीं खत्म हो जाता है. वहीं विज्ञान और न्यूरोसाइंस यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि जब किसी की मृत्यु होती है, तो शरीर के अंदर, खासकर दिमाग में क्या-क्या होता है. ऐसे में चलिए आज जानते हैं कि इंसान की मौत के बाद क्या सच में यमराज आता है और साइंस क्या कहता है .

क्या सच में यमराज आता है

भारत की प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब इंसान की मृत्यु होती है, तो सिर्फ शरीर खत्म होता है आत्मा अमर होती है. कथित रूप से गरुड़ पुराण के अनुसार, जब इंसान अंतिम सांसे ले रहा होता है, तो यमराज के दूत आत्मा को ले जाते हैं. फिर, 24 घंटे बाद यमराज आत्मा को फिर से पृथ्वी पर लाते हैं ताकि वह अपने कर्मों को एक बार और देख सके. इन 24 घंटों में आत्मा अपने घर और आसपास घूमती है. इस समय को पिंडदान और श्राद्ध के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके बाद आत्मा यमलोक की यात्रा पर निकलती है, जो 13 दिनों तक चलती है. इस दौरान उसके कर्मों के अनुसार उसका अगला जीवन तय होता है.

साइंस क्या कहता है

विज्ञान के अनुसार, जब किसी इंसान की मृत्यु होती है, तो सबसे पहले उसका दिल धड़कना बंद कर देता है, सांसे रुक जाती हैं और कुछ ही मिनटों में दिमाग काम करना बंद कर देता है. यही स्थिति क्लिनिकल डेथ कहलाती है. लेकिन हाल ही में हुई कुछ वैज्ञानिक रिसर्च ने इस सोच को चुनौती दी है. 2013 और 2015 में की गई रिसर्च से पता चला कि जब दिल काम करना बंद करता है, तब भी दिमाग कुछ समय तक एक्टिव रहता है. कुछ मामलों में दिमाग के देखने वाले हिस्से में बहुत तेज एक्टिविटी देखी गई. इससे यह अनुमान लगाया गया कि जिस तेज रोशनी, पूरी जिदगी की झलक या शरीर से आत्मा बाहर निकलने जैसी घटनाओं का जिक्र लोग करते हैं जो मौत के मुहाने से वापस लौटते हैं, वह असल में दिमाग के अंदर हो रही एक्टिविटी से हो सकती हैं.