अंबिकापुर – सरगुजा जिले के सीतापुर वन परिक्षेत्र के ग्राम सरगा खजुरपारा में सोमवार भोर को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक हाथी अचानक गांव के बीच बने पुराने गड्ढे में जा गिरा। गड्ढे में पानी भरा हुआ है। भोर में लगभग चार बजे हुई इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
वन अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची
खबर मिलते ही वन अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे के पास की जमीन काफी फिसलन भरी है, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। बस्ती के नजदीक हाथी फंस जाने से लोग भयभीत हैं, लेकिन वन विभाग लगातार ग्रामीणों को आश्वस्त कर रहा है कि हाथी को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाल लिया जाएगा।ग्रामीणों को गड्ढे से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथी का साइज इतना बड़ा था कि उसे लकड़ियों की सीढ़ी की मदद से बाहर निकालना संभव नहीं हो रहा था। ऐसे में वन विभाग गड्ढे के पास वाले हिस्से को एक्सीवेटर से चौड़ा करने का काम शुरू किया, साथ ही उस हिस्से की गहराई को कम कर एक ढलानदार रास्ता बनाया ताकि हाथी अपनी ताकत से चढ़कर बाहर निकल सके। सरगुजा अंचल में इन दिनों हाथियों का अलग-अलग समूह आबादी क्षेत्रों के नजदीक पहुंच गया है। कड़ी मशक्कत के बाद हाथी का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू आपरेशन ग्रामीणों के लिए कौतूहल
अक्सर हाथी खेतों और गांवों में प्रवेश कर नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं कई बार खुद भी हादसों का शिकार हो जाते हैं। ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है। मुश्किल में फंसे हाथी रेस्क्यू आपरेशन में सहयोग भी करते हैं। पुराने अनुभवों के आधार पर वन विभाग की टीम हाथी को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में लगी।
सरगा खजुरपारा में चल रहा रेस्क्यू आपरेशन ग्रामीणों के लिए कौतूहल बन गया। लोग दूर से हाथी की हरकतों और वन विभाग की कोशिशों पर नजर बनाए रहे। विभागीय अधिकारियों ने सतर्कता के साथ हाथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथी अपने झुंड से अलग होकर गांव के रास्ते से गुजर रहा था। संकरा और फिसलन भरा रास्ता होने के कारण हाथी का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे किसान के घर के पास बने गहरे गड्ढे में जा गिरा।हाथी के गिरते ही उसकी चिंघाड़ से पूरा गांव गूंज उठा। आवाज सुनकर नींद में सोए ग्रामीण घबराकर बाहर निकल आए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई।
वन अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची
खबर मिलते ही वन अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और हाथी को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, गड्ढे के पास की जमीन काफी फिसलन भरी है, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। बस्ती के नजदीक हाथी फंस जाने से लोग भयभीत हैं, लेकिन वन विभाग लगातार ग्रामीणों को आश्वस्त कर रहा है कि हाथी को बिना किसी नुकसान के बाहर निकाल लिया जाएगा।ग्रामीणों को गड्ढे से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाथी का साइज इतना बड़ा था कि उसे लकड़ियों की सीढ़ी की मदद से बाहर निकालना संभव नहीं हो रहा था। ऐसे में वन विभाग गड्ढे के पास वाले हिस्से को एक्सीवेटर से चौड़ा करने का काम शुरू किया, साथ ही उस हिस्से की गहराई को कम कर एक ढलानदार रास्ता बनाया ताकि हाथी अपनी ताकत से चढ़कर बाहर निकल सके। सरगुजा अंचल में इन दिनों हाथियों का अलग-अलग समूह आबादी क्षेत्रों के नजदीक पहुंच गया है। कड़ी मशक्कत के बाद हाथी का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू आपरेशन ग्रामीणों के लिए कौतूहल
अक्सर हाथी खेतों और गांवों में प्रवेश कर नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं कई बार खुद भी हादसों का शिकार हो जाते हैं। ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है। मुश्किल में फंसे हाथी रेस्क्यू आपरेशन में सहयोग भी करते हैं। पुराने अनुभवों के आधार पर वन विभाग की टीम हाथी को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में लगी।
सरगा खजुरपारा में चल रहा रेस्क्यू आपरेशन ग्रामीणों के लिए कौतूहल बन गया। लोग दूर से हाथी की हरकतों और वन विभाग की कोशिशों पर नजर बनाए रहे। विभागीय अधिकारियों ने सतर्कता के साथ हाथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।






