बीजापुर – छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप में पुलिस ने बुधवार को राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
पत्रकार की हत्या से खुला भ्रष्टाचार का बड़ा मामला
अधिकारियों ने बताया कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने अपनी समाचार रिपोर्ट में परियोजना में घटिया गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया था, जिसके बाद इस सड़क निर्माण कार्य की जांच शुरू की गई थी. चंद्राकर की इस साल की शुरुआत में हत्या कर दी गई थी.
इसी परियोजना के ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उनके तीन सहयोगियों को पत्रकार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की एक जांच समिति ने निर्माणाधीन नेलसनार-कोडोली-मिरतुर-गंगालूर (52.40 किलोमीटर लंबी) सड़क में कथित अनियमितताओं की जांच की थी.
यादव ने बताया कि जांच समिति की शिकायत के आधार पर पीडब्ल्यूडी के कई अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई.
उन्होंने बताया कि इनमें से पांच अधिकारियों सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता डीआर साहू और वीके चौहान, तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एचएन पात्रा, उप-विभागीय अधिकारी (बीजापुर) प्रमोद सिंह कंवर और उप-अभियंता (जगदलपुर) संतोष दास को रविवार (27 जुलाई) को गिरफ्तार किया गया.
घोटाले की गहराई में पहुंचे जांचकर्ता
अधिकारी ने बताया कि तीन अधिकारी – तत्कालीन कार्यपालन अभियंता (अब सेवानिवृत्त) बीएल ध्रुव, उप-विभागीय अधिकारी आरके सिन्हा और उप-अभियंता जीएस कोडोपी अग्रिम जमानत पर हैं. पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में एक अन्य आरोपी सड़क निर्माण ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया है. मुकेश चंद्राकर एनडीटीवी समाचार चैनल के लिए एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते थे तथा ‘बस्तर जंक्शन’ नामक एक यूट्यूब चैनल भी चलाते थे, जिसके लगभग 1.59 लाख सब्सक्राइबर हैं.
उपमुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस साल जनवरी में कहा था कि जांच समिति ने नेलसनार-कोडोली-मिरतुर-गंगालूर सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं. साव ने बताया था कि संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण, सरकारी धन की बर्बादी, गबन, दोषपूर्ण मूल्यांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने और ठेकेदार/निर्माण एजेंसी के साथ सांठगांठ में भ्रष्टाचार के प्रथम दृष्टया सबूत मिले हैं.
मुकेश चंद्राकर ने ठेकेदार सुरेश द्वारा किए गए इस सड़क निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाली एक खबर की थी, जो पिछले साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में प्रकाशित हुई थी. स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर (33) एक जनवरी को लापता हो गए थे. उनका शव तीन जनवरी को बीजापुर शहर के चट्टानपारा बस्ती में सुरेश की संपत्ति पर बने एक सेप्टिक टैंक में मिला था. हत्या के मामले में मुख्य आरोपी सुरेश, उसके भाई रितेश चंद्राकर और दिनेश चंद्राकर तथा उसके सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया गया.






