गरियाबंद – जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चिंगरा पगारा वॉटरफॉल और गजपल्ला वाटर फॉल में अब आम जनता का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, चिंगरा पगारा वॉटरफॉल से लगे ग्रामीण इलाकों में बीते कुछ दिनों से हाथियों का दल सक्रिय है। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने पर्यटकों को वहां जाने से मना कर दिया है। वॉटरफॉल मार्ग पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और पुलिस बल की भी तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।
वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त निगरानी में क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, पर्यटक चिंगरा पगारा की ओर रुख न करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। वन विभाग सूत्रों के अनुसार, हाथियों का दल कभी भी उग्र हो सकता है, जिससे जान-माल का बड़ा खतरा हो सकता है। फिलहाल वॉटरफॉल बंद है, घूमने की योजना फिलहाल टाल दें।
सोमवार को लगभग 4 बजे गजपल्ला वाटर फॉल के गहराई में रायपुर की 19 वर्षीय मेहवीस खान गिरी थी. एसडीआरएफ की टीम ने वाटर प्रूफ कैमरे लेकर गहरे पानी के नीचे तलाश की तो पता चला 20 फीट गहराई में मौजूद चट्टान में बने सुरंग नुमा स्थल पर मृतका का शव फंसा है. एसडीआरएफ के लांस नायक उमेश सिन्हा ने बताया कि 20 फीट नीचे पत्थरों के सुरंग में युवती का शव फंसा था, जिसे निकाल लिया गया है. रेस्क्यू में रायपुर के एसडीआरएफ की टीम समेत गरियाबंद प्रशासन के 60 से ज्यादा जवान जुटे थे.
सोमवार को लगभग 4 बजे गजपल्ला वाटर फॉल के गहराई में रायपुर की 19 वर्षीय मेहवीस खान गिरी थी. एसडीआरएफ की टीम ने वाटर प्रूफ कैमरे लेकर गहरे पानी के नीचे तलाश की तो पता चला 20 फीट गहराई में मौजूद चट्टान में बने सुरंग नुमा स्थल पर मृतका का शव फंसा है. एसडीआरएफ के लांस नायक उमेश सिन्हा ने बताया कि 20 फीट नीचे पत्थरों के सुरंग में युवती का शव फंसा था, जिसे निकाल लिया गया है. रेस्क्यू में रायपुर के एसडीआरएफ की टीम समेत गरियाबंद प्रशासन के 60 से ज्यादा जवान जुटे थे.
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने चिंगरापगार, गजपल्ला वाटरफॉल पर पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने प्रतिबंध का बोर्ड लगाकर आवाजाही रोक दिया है. प्रवेश स्थानों पर वन विभाग ने जवान तैनात कर दिया है.






