शेख हसन गरियाबंद – इन दिनों लगातार बारिश से गरियाबंद जिला के घने जंगल के साथ नदी नाले झरनों एंव जलप्रपातों की खुबसूरती अदभुत प्राकृतिक सौन्दर्य लोगो को आकर्षित कर रहा है ।
ऐसा ही एक जलप्रपात कालीपगार जिसके बारे में बहुत कम पर्यटक जानते है, यह जलप्रपात प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण एंव शांत वातावरण में शांति के पल बिताने और शोरगुल से काफी दुर मन को आंनंदित करने काफी रमणीय स्थल है, हांलाकि यहा तक पहुचने के लिए पक्की सडक व अन्य सुविधा नही है यह जलप्रपात का नजारा और इसकी कल कल करती झरने लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के बेहद दुर्गम और मनोरम पहाड़ी जो जमीन सतह से लगभग 2500 फीट की ऊंचाई पर बसा है आमामोरा ओड़ इस पहाड़ी में बारिश के इन दिनों कलकल करती अनेक वाटरफाल की खुबसूरती खासकर पर्यटको और पर्यावरण प्रेमी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
‘‘कालीपगार‘‘ 100 फीट ऊॅंचाई से कलकल करते पानी की धार जब कई चट्टानो से टकराते हुए नीचे पत्थर पर गिरती है तो कई किलोमीटर तक पानी के पत्थर से टकराने के बाद सफेद धुंध ही दिखाई दे रही है।
उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन ने बताया
आमामोरा से महज 500 मीटर की दूरी पर यह कालीपगार जलप्रपात है और यह बेहद खुबसूरत स्थल है इन दिनो यह जलप्रपात में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे है






