रायपुर – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक सनसनीखेज ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है, जिसमें कांग्रेस नेता हसन आबिदी को गिरफ्तार किया गया है। आबिदी पर आरोप है कि उसने एक महिला पटवारी और उनके पति को फर्जी रिश्वत केस में फंसाने की धमकी देकर 70 लाख रुपये वसूले और 3,500 वर्गफुट की जमीन अपने परिचित के नाम करवा ली। इतना ही नहीं, उसने 2.5 करोड़ रुपये की और मांग की, जिसके बाद पीड़ित ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बुधवार रात हसन आबिदी को गिरफ्तार कर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ब्लैकमेलिंग का पूरा मामला
रायपुर के देवपुरी निवासी राजेश सोनी, जो रियल एस्टेट कारोबारी हैं, और उनकी पत्नी सारिका सोनी, जो पटवारी हैं, पिछले कई महीनों से हसन आबिदी की ब्लैकमेलिंग का शिकार थे। आबिदी ने खुद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में पहुंच वाला व्यक्ति बताकर सारिका को फर्जी घूसखोरी के मामले में फंसाने की धमकी दी। 17 जून 2025 को उसने राजेश को फोन कर एक सप्ताह में 2.5 करोड़ रुपये देने की मांग की और रकम न देने पर सारिका की सरकारी नौकरी छीनने और जेल भेजने की धमकी दी।
70 लाख और जमीन की वसूली
राजेश सोनी ने अपनी शिकायत में बताया कि फरवरी 2025 से अब तक हसन आबिदी ने फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे 70 लाख रुपये वसूल लिए। इसके अलावा, उसने सिमरन सिटी भाठागांव में 3,500 वर्गफुट की एक जमीन दान पत्र के जरिए अपने किसी परिचित के नाम रजिस्ट्री करवा ली। आबिदी ने दावा किया कि सारिका के खिलाफ एक व्यक्ति नाम विवेक ने एसीबी-ईओडब्ल्यू में भ्रष्टाचार की शिकायत की है और उनकी पत्नी को ट्रैप किया जाएगा। उसने यह भी धमकी दी कि मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) तक पहुंचाया जाएगा।






