तेल अवीव (एजेंसी) – दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर ओमानी सह-पायलट ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं छोड़ी और विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई, जिसमें सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बच गए।
नमाज के बहाने पीछे बैठा था सह-पायलट
नेतन्याहू से बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। सह-पायलट ने उनसे नमाज पढ़ने की बात कही। उन्हें यह असामान्य नहीं लगा, इसलिए उन्होंने अनुमति दे दी। सह-पायलट उनके पीछे बैठकर नमाज करने लगा। कुछ मिनट बाद अचानक पीछे से उनके सिर पर जोरदार वार किया गया। स्मित ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान में कोई गंभीर तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन लगातार वार होने के बाद उन्हें समझ आया कि सह-पायलट ही उन पर हमला कर रहा है।
घायल हालत में भी संभाला विमान
हमले के दौरान कैप्टन स्मित की आंखों के सामने धुंधला दिखाई दे रहा था और वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। स्मित के मुताबिक, दरवाजा अंदर से घुमाकर खोला जा सकता था। उन्होंने किसी तरह अपना हाथ दरवाजे के घुंडी तक पहुंचाया और उसे घुमाकर दरवाजा खोल दिया। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया।
हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपात स्थिति में उतारा गया। गंभीर घटना के बावजूद विमान में सवार सभी 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्य सुरक्षित बाहर निकल गए। घायल कैप्टन स्मित को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की अब व्यापक रूप से सराहना की जा रही है।



