भिलाई नगर – भिलाई स्टील प्लांट से चोरी छिपे कबाड़ को चुराने के केस में बड़ी कार्रवाई आज की गई है. सामने आए तथ्यों के मुताबिक कबाड़ चोरी कर रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में खपाने के मामले में दुर्ग पुलिस ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और डायरेक्टर को गिरफ्तार किया.
एमडी और डायरेक्टर गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने आज कंपनी के MD विनोद कुमार गर्ग, उम्र 60 साल और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह, उम्र 39 साल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में पेशी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. दुर्ग पुलिस के मुताबिक, विनोद कुमार गर्ग रायपुर के भाठागांव स्थित वालफोर्ट सिटी के निवासी है और रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड में प्रबंध निदेशक है. वहीं संदीप कुमार सिंह दुर्ग के स्मृति नगर निवासी है और कंपनी में डायरेक्टर के पद पर है.
ए.के. ट्रेडर्स से शुरू हुई थी लोहा चोरी की जांच
भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी का केस 26 मई 2026 को सामने आया था. पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के अकलोरडीही खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स से पुलिस ने बड़ी मात्रा में लोहे का कबाड़ बरामद किया था. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान 20 से ज्यादा लोगों को अबतक गिरफ्तार किया जा चुका है.
जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में चोरी के कबाड़ को खपाने से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस ने आरोपियों के बयानों के साथ तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की है. इसी जांच में बीएसपी से चोरी किए गए लोहे के कबाड़ को रसमड़ा स्थित रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड की औद्योगिक इकाई में खपाए जाने की बात सामने आई थी.
दुर्ग पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों और पहले गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर कंपनी के MD विनोद कुमार गर्ग और डायरेक्टर संदीप कुमार सिंह को मामले में आरोपी बनाया गया. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
अब तक 21 आरोपी गिरफ्तार
भिलाई स्टील प्लांट से कबाड़ चोरी करने के मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. पहले चरण में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. अब रसमड़ा स्थित फैक्ट्री के 2 अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच चोरी के कबाड़ की सप्लाई और उसकी खरीद-फरोख्त के नेटवर्क तक पहुंच गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बीएसपी से चोरी किया गया कबाड़ किस माध्यम से रसमड़ा स्थित फैक्ट्री तक पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं.
250 टन स्क्रैप हुआ था चोरी
पूर्व की जांच में खुलासा हुआ कि फ्लाई एश से भरे ट्रकों के नीचे स्टील प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जाता था. गिरफ्तार चालकों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे 30 से 40 बार इसी तरीके से स्क्रैप बाहर ले जा चुके थे.
अपराध से जुड़ी टाइमलाइन
6 मई 2026 को भिलाई-3 पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स और हथखोज में छापेमारी कर करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया था. इसके साथ कई ट्रक, हाईवा, जेसीबी, हाईड्रा समेत करीब 3 करोड़ 22 लाख रुपये का सामान जब्त किया था.
भिलाई स्टील प्लांट से जुड़ी बड़ी बातें
बीएसपी सेल की एक प्रमुख इकाई है जिसकी स्थापना साल 1955 में तत्कालीन सोवियत संघ की मदद से हुई थी. 1959 में उत्पादन शुरू करने के बाद से, यह संयंत्र भारत के प्रमुख इस्पात उत्पादकों में से एक बन गया है और इसे कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें “प्रधानमंत्री ट्रॉफी” भी शामिल है. भिलाई में स्थित यह संयंत्र अपनी उत्पादन सुविधाओं, तकनीकी प्रगति, और राष्ट्र की बुनियादी ढांचा विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रसिद्ध है.



