नई दिल्ली – राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। खुफिया ब्यूरो (IB) से मिले इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां संभावित सुरक्षा खतरों को लेकर हाई अलर्ट पर हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि सम्मेलन के दौरान कुछ संगठन या समूह विरोध-प्रदर्शन, ड्रोन गतिविधि, ग्रैफिटी या VVIP नेताओं की आवाजाही में बाधा डालने जैसी कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए सम्मेलन स्थल, प्रमुख होटलों, VVIP रूट और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास निगरानी बढ़ाई गई है।
चीन और रूस से जुड़े मुद्दों पर विशेष नजर
सुरक्षा एजेंसियां सम्मेलन के दौरान विभिन्न संवेदनशील मुद्दों को लेकर भी सतर्क हैं। इनपुट के अनुसार चीन से जुड़े तिब्बती विरोध-प्रदर्शन और रूस से संबंधित मुद्दों को लेकर संभावित गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इसके अलावा खालिस्तान से जुड़े संभावित सुरक्षा खतरे को भी सुरक्षा आकलन में शामिल किया गया है। एजेंसियों को समय-समय पर इससे संबंधित ईमेल और अन्य इनपुट मिलने की जानकारी सामने आई है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी
BRICS सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर रहेगी। विरोध-प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने, भड़काऊ सामग्री फैलाने या किसी तरह की तोड़फोड़ और ग्रैफिटी की योजना से जुड़े संकेतों की निगरानी की जा रही है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच सूचनाओं का रियल-टाइम आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि संभावित खतरे की पहचान समय रहते की जा सके।
दिल्ली के आसपास 300 किलोमीटर के हवाई क्षेत्र में विशेष नियम
सम्मेलन को देखते हुए दिल्ली और आसपास के हवाई क्षेत्र में भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर सुबह 7 बजे से 13 सितंबर रात 11 बजे तक दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले हवाई अड्डों पर सामान्य टेक-ऑफ और लैंडिंग से संबंधित विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे।
हालांकि कुछ निर्धारित श्रेणी की उड़ानों को संचालन की अनुमति रहेगी। इनमें शामिल हैं:
- सामान्य निर्धारित यात्री विमान सेवाएं
- BRICS से जुड़े विदेशी मेहमानों की विशेष उड़ानें
- भारतीय वायुसेना, BSF और एविएशन रिसर्च सेंटर की उड़ानें
- आपातकाल या मेडिकल जरूरत के लिए सैन्य हेलीकॉप्टर
- राज्यपाल या मुख्यमंत्री को ले जाने वाले राज्य सरकार के विमान और हेलीकॉप्टर
BRICS से संबंधित विशेष विमानों के फ्लाइट प्लान को पहले से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से मंजूरी लेना आवश्यक होगा।
विमानों की ऊंचाई को लेकर भी दिशा-निर्देश
विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत सामान्य निर्धारित यात्री विमानों और ओवरफ्लाइट के लिए ऊंचाई से संबंधित नियम भी लागू रहेंगे।
निर्धारित नियमों के मुताबिक, दिल्ली से 200 किलोमीटर की दूरी के भीतर पहुंचने से पहले चढ़ान वाली उड़ान को FL290 यानी करीब 29,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचना होगा। वहीं उतरने वाली उड़ान 200 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तक FL290 से नीचे उतरना शुरू नहीं कर सकेगी।
सफदरजंग एयरपोर्ट और रोहिणी हेलीपैड पर भी पाबंदी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सफदरजंग एयरपोर्ट को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि आपातकालीन या VVIP ड्यूटी में लगे कुछ IAF और BSF हेलीकॉप्टरों को अनुमति दी जाएगी।
इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए भी किया जा सकता है। वहीं रोहिणी हेलीपैड पूरी तरह बंद रहेगा। जिन विमानों या हेलीकॉप्टरों को निर्धारित श्रेणी में अनुमति नहीं मिली है, उन्हें उड़ान से पहले गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी।
12-13 सितंबर को भारत करेगा BRICS सम्मेलन की मेजबानी
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 2026 में भारत की BRICS अध्यक्षता का यह चौथा कार्यकाल है।
भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित थीम तय की है। सम्मेलन में विकास, स्थिरता, नवाचार और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
हाई-प्रोफाइल विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन, ड्रोन गतिविधि या सुरक्षा उल्लंघन को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरत रही हैं।



