Home देश मराठा आरक्षण आंदोलन: अन्ना हजारे की जरांगे को सलाह, ‘अनशन…’

मराठा आरक्षण आंदोलन: अन्ना हजारे की जरांगे को सलाह, ‘अनशन…’

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अन्ना हजारे ने मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल के अनशन पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैंने अपने पूरे जीवन में अनशन करके 10 कानून पास करवाए हैं. जरांगे के अनशन का आज 13वां दिन है.

मनोज जरांगे ने अनशन करते हुए मराठा-कुनबी आरक्षण के लिए आक्रामक रुख अपनाया है. जरांगे के अनशन का आज (10 सितंबर) तेरहवां दिन है. इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की भी एंट्री हो गई है. इस आंदोलन पर अन्ना हजारे ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है. साथ ही हजारे ने जरांगे को एक अहम सलाह भी दी है. उन्होंने कहा कि अनशन समाज और देश के लिए होना चाहिए.

मैंने अनशन करके 10 कानून पास करवाए हैं- अन्ना हजारे

अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद अन्ना हजारे ने मराठा आरक्षण आंदोलन और मनोज जरांगे पाटिल पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “मैंने जीवन में 22 अनशन किए हैं. अनशन से सेहत दुरुस्त रहती है. अनशन समाज और देश के लिए होना चाहिए. मैंने अपने पूरे जीवन में अनशन करके 10 कानून पास करवाए हैं.”

मेरी तबीयत एकदम ठीक- अन्ना हजारे

इस दौरान हजारे ने ये भी कहा, “मेरी तबीयत एकदम ठीक है. डॉक्टरों ने अच्छा इलाज किया है.” बता दें कि वरिष्ठ समाजसेवक अन्ना हजारे की कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ गई थी. तबीयत खराब होने के बाद उन्हें मुंबई के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बाद एकनाथ शिंदे ने भी अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी. डॉ. गौतम भंसाली की देखरेख में अन्ना हजारे का इलाज चल रहा था. इसके बाद आज (10 सितंबर) को अन्ना हजारे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

13 दिनों के अनशन के बाद जरांगे के वजन में गिरावट

उधर, अनशन पर मनोज जरांगे पाटिल ने कुछ दिन पहले डॉक्टरों से इलाज लेने से इनकार कर दिया था. हालांकि, सरकार के प्रतिनिधि के अनुरोध के बाद मनोज जरांगे ने इलाज शुरू करा दिया. उन्होंने डॉक्टरों से सलाइन लगवाई. तेरह दिनों के अनशन के बाद जरांगे के वजन में भी गिरावट आई है.

अमृता फडणवीस के बयान पर क्या बोले मनोज जरांगे?

सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल को ‘भाई’ कहकर संबोधित किया. अमृता फडणवीस के इस बयान से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं. नागपुर से इच्छा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा था कि मनोज जरांगे पाटिल को उनके घर भोजन के लिए आना चाहिए.

संकट में बहन को भाई का समर्थन करना चाहिए- जरांगे

इसके बाद मनोज जरांगे पाटिल ने भैयादूज (भाऊबीज) के अवसर पर मिलने की इच्छा जताई. इस दौरान जरांगे ने कहा कि वे चोली-दामन (पारंपरिक उपहार) लेकर अमृता ताई से मिलने जाएंगे. इसके साथ ही जरांगे ने ये भी कहा कि संकट के समय बहन को अपने भाई का समर्थन करना चाहिए.