भागलपुर के नागरमल बाजोरिया ‘धरतीपकड़’ के नाम से मशहूर थे। उन्होंने 284 बार चुनावी मैदान में उतरकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। हार के बावजूद उनका चुनाव लड़ने का सिलसिला कभी नहीं रुका। गुरुवार को पटना में उनका निधन हो गया।
भागलपुर – भारत ही नहीं, दुनिया में वह अकेले शख्स थे। प्रसिद्ध नाम था- ‘धरतीपकड़’। मिलनसार और सबसे बड़ी बात कि बहुत रोचक। वह दुनिया के इकलौते शख्स थे, जिन्होंने 284 बार चुनावी मैदान में नामांकन किया और हर बार हारे। किसी हार से वह डरे नहीं। तभी तो राष्ट्रपति चुनावों में बार-बार नामांकन करने के कारण भी चर्चित हुए। जमानत जब्त कराने का भी रिकॉर्ड बनाया, लेकिन जब तक चलते-फिरते रहे, चुनाव में उतरते रहे।
न दायरा देखा, न जमानत राशि की चिंता
नागरमल बाजोरिया ने चुनाव लड़ने में न कभी अपना दायरा देखा और न ही जमानत राशि की चिंता की। समाज की बात करने के कारण सोशल मीडिया के जमाने से पहले के ‘धरतीपकड़’ को हर मीडिया उनके नाम से जानता था। हर राज्य में उनके नाम की चर्चा होती थी।
नागरमल बाजोरिया ने चुनाव लड़ने में न कभी अपना दायरा देखा और न ही जमानत राशि की चिंता की। समाज की बात करने के कारण सोशल मीडिया के जमाने से पहले के ‘धरतीपकड़’ को हर मीडिया उनके नाम से जानता था। हर राज्य में उनके नाम की चर्चा होती थी।
पटना में ली अंतिम सांस
‘धरतीपकड़’ नागरमल बाजोरिया ने गुरुवार को पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद उनसे जुड़े लोगों में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर भागलपुर रवाना हो चुका है।
‘धरतीपकड़’ नागरमल बाजोरिया ने गुरुवार को पटना में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर के बाद उनसे जुड़े लोगों में शोक की लहर है। उनका पार्थिव शरीर भागलपुर रवाना हो चुका है।






