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सरगुजा में सावन जैसी झड़ी, अंबिकापुर के कई इलाकों में घुसा पानी; घुनघुट्टा डैम के तीन गेट खुले

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अंबिकापुर – उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में भादो की शुरुआत के साथ बारिश ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। अंबिकापुर शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, वहीं कुंडला-वसुंधरा कॉलोनी और घुटरापारा में बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। कई परिवारों को सुबह अपने घरों से पानी निकालने में जुटना पड़ा।

चांदनी चौक के नीचे स्थित घुटरापारा इलाके में तेज बारिश के बाद कई घरों में घुटने तक पानी भर गया। घर में पानी घुसने से अनाज और खाने-पीने की सामग्री खराब होने की बात सामने आई है। जलभराव के कारण कई बच्चों की स्कूल जाने की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। बारिश थमने के बाद लोग बाल्टी और अन्य साधनों से घरों से पानी बाहर निकालते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि महामाया पहाड़ से तेज बारिश के दौरान हर साल पानी नीचे की ओर आने से घुटरापारा में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। रहवासियों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई है।

अंबिकापुर की कुंडला-वसुंधरा कॉलोनी में भी तेज बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं और कई मकानों तक पानी पहुंच गया। पिछले साल यहां दो फीट से अधिक पानी जमा होने की स्थिति बनी थी। जल निकासी की समस्या को देखते हुए ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार किया गया था, लेकिन इस बार फिर तेज बारिश के बाद जलभराव हो गया।

लगातार बारिश से सरगुजा के नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। घुनघुट्टा डैम में पानी लगातार बढ़ने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर तीन गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक प्रसाद निरंजन के अनुसार, डैम में फिलहाल करीब 81 प्रतिशत जलभराव है। जलभराव 90 प्रतिशत तक पहुंचने पर सभी गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है। विभाग जलस्तर और आसपास के क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रख रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार अंबिकापुर में पिछले 24 घंटे में 34 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सरगुजा संभाग में अगस्त से मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है।

लगातार बारिश और अतिवृष्टि को देखते हुए 2 सितंबर को बलरामपुर जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूल बंद रखे गए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने एक दिन के अवकाश का आदेश जारी किया था। जिले के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और आवागमन प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने यह फैसला लिया।

लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।