काठमांडू – नेपाल और तिब्बत में आई भयानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 600 से अधिक हो गई, जबकि 2,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए गए हैं. जिनमें से 320 भारतीय नागरिक है. फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है. लापता लोगों को ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. द हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, लापता लोगों में 644 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
नेपाल पुलिस की ओर से शनिवार सुबह साझा की गई ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल में आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है. जबकि 2426 लोग लापता हैं. लापता लोगों में नेपाली सेना के 45 जवान, नेपाल प्रहरी के 27 जवान औ सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल के 13 जवान शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि खोज, बचाव और राहत ऑपरेशन के लिए कुल 8799 पुलिस वालों को तैनात किया गया है.
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने शुक्रवार शाम 7 बजे को बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 15,431 सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है, जिसमें नेपाल आर्मी के 6,755 लोग, नेपाल पुलिस के 4,473 लोग और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 4,203 लोग शामिल हैं.
NDRRMA के मुताबिक, चितवन में सबसे अधिक 233 शव मिलें, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 154, गोरखा में 46, धाडिंग में 40, नुवाकोट में 37, तनहुन में 30, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 शव मिले. लापता 1,924 लोगों में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मी, विदेशी नागरिक, आम लोग और सुरक्षा और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. अकेले हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स के 933 कर्मी लापता बताए गए हैं, जबकि 517 विदेशी नागरिकों का अभी तक कोई पता नहीं चला है. NDRRMA के मुताबिक, लापता लोगों की सूची में नेपाल आर्मी के 45 लोग, नेपाल पुलिस के 28 लोग, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 लोग, कस्टम ऑफिस के 15 लोग और इमिग्रेशन ऑफिस के 15 लोग शामिल हैं, जबकि लांगटांग नेशनल पार्क से भी तीन लोगों के लापता होने की खबर है.
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 4,451 लोगों को सुरक्षित निकाला है, जिसमें शुक्रवार को हाइड्रोइलेक्ट्रिक टनल से बचाए गए 191 लोग और हवाई रास्ते से निकाले गए 517 लोग शामिल हैं. 129 विदेशी नागरिकों को भी बचाया गया है.
नेपाल आपदा कोष को गत तीन दिन में दो अरब रुपये का दान मिला
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची भारी तबाही के बाद देश के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में लोग दिल खोलकर दान कर रहे हैं और गत तीन दिन में 2.295 अरब रुपये से अधिक का दान मिला है. नेपाल में गत बुधवार को आई अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है. इस बाढ़ ने कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा एवं अब भी करीब 2,400 लोग लापता हैं.
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर से बृहस्पतिवार आधी रात तक 36 घंटों के भीतर कोष में लोगों ने 1.91 अरब रुपये का दान दिया जबकि अकेले शुक्रवार को 38.55 करोड़ रुपये की सहायता राशि जमा हुई. उन्होंने कहा कि हालिया योगदान के साथ कोष में जमा राशि 2.17 अरब रुपये से बढ़कर 4.09 अरब रुपये हो गई है.
सरकार ने कोष में दान एकत्र करने और सहायता में समन्वय के लिए वित्त मंत्रालय को नोडल मंत्रालय नामित किया है. वित्त मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष के मद में दिए जाने वाले दान को 10 अलग-अलग वाणिज्यिक बैंकों में मौजूद खातों में जमा कराया जा रहा है. वित्त विभाग सचिवालय के अनुसार, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले संस्थागत दानदाताओं से एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का योगदान व्यक्तिगत रूप से स्वीकार कर रहे हैं.
इसने यह भी कहा कि व्यक्तिगत दानकर्ता मंत्रालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर नकद योगदान दे सकते हैं. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह और उनके मंत्रिमंडल सदस्यों ने भी आपदा राहत कोष में एक महीने का वेतन दान करने का फैसला किया है। यह निर्णय शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया.
नेपाल बाढ़ त्रासदी: यूपी के कुशीनगर में नदी से 3 शव बरामद
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं. ये शव पड़ोसी देश नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बीच बहकर भारतीय इलाके में आ गए थे.
खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया
खबर है कि त्रिशूली में भारी बारिश और मौसम खराब होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन कुछ समय के लिए रोक दिया गया है, क्योंकि हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं. नदी का स्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए सावधानी के तौर पर आस-पास के इलाकों से लोगों को निकाला गया है.
मृतकों की संख्या बढ़कर 616 हुई
नेपाल पुलिस की ओर से शनिवार सुबह साझा की गई ताजा जानकारी के अनुसार, नेपाल में आई भयानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 616 हो गई है. पुलिस ने बताया कि खोज, बचाव और राहत ऑपरेशन के लिए कुल 8799 पुलिस वालों को तैनात किया गया है.
किस जिले में कितने शव मिले-
- रसुवा: 13
- नुवाकोट: 89
- धाडिंग: 45
- चितवन: 233
- गोरखा: 48
- तनहुन: 31
- नवलपरासी ईस्ट: 158
- नवलपरासी वेस्ट: 47






