जयपुर के बगरू विधानसभा में एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान सीजेपी टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। सीजेपी ने बीजेपी समर्थकों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला करने का आरोप लगाया, जबकि ग्रामीणों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने केवल विरोध किया था। घटना को लेकर सचिन पायलट समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी, वहीं बीजेपी नेताओं ने सीजेपी के स्कूल निरीक्षण को लेकर सवाल उठाए।
जयपुर – राजधानी जयपुर के बगरू क्षेत्र स्थित रामपुरा कंवरपुरा गांव में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब जर्जर प्राथमिक स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने सीजेपी के कार्यकर्ताओं पर पथराव कर दिया और मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करके उनकी घेराबंदी कर दी। इस अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया गया और गाड़ियों के शीशे टूटने की भी खबर सामने आई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की शुरुआत सुबह के समय हुई जब कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ कार्यकर्ता रामपुरा कंवरपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। स्कूल भवन के जर्जर होने के कारण बच्चों को लंबे समय से पास ही एक बाड़े में अस्थायी रूप से पढ़ाया जा रहा है। सरकार द्वारा इस स्कूल के जीर्णोद्धार के लिए बारह लाख पचास हजार रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के विकास कार्य और सुधार की प्रक्रिया पहले से ही तय है, लेकिन सीजेपी के नेता इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकने और गांव का माहौल खराब करने आए थे, जिसे ग्रामीण किसी भी कीमत पर सहन करने को तैयार नहीं थे।
स्कूल के बाहर ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद गुस्साए ग्रामीण और स्थानीय लोग स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मुख्य रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्रॉली अड़ाकर पूरी तरह से आवाजाही बंद कर दी और वहां से गुजरने वाले वाहनों की तलाशी लेने लगे। इस दौरान सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका और उनकी टीम को उग्र भीड़ के विरोध का शिकार होना पड़ा।
घटना के बाद सीजेपी के को-कन्वीनर आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तीखा पलटवार करते हुए भाजपा और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि रामपुरा कंवरपुरा का सरकारी स्कूल पिछले कई वर्षों से भैंसों के तबेले जैसी दयनीय स्थिति में चल रहा है। रांका ने आरोप लगाया कि जब उनकी टीम शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई देखने मौके पर पहुंची, तो वहां के स्थानीय लोगों ने नहीं बल्कि सत्ताधारी दल द्वारा भेजे गए गुंडों ने उन पर हमला किया। उन्होंने दावा किया कि बच्चों की पढ़ाई की बदहाली पर पर्दा डालने के लिए इस प्रकार की हिंसक घटनाएं करवाई जा रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जयपुर के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।






