छत्तीसगढ़ विधानसभा में वेदांता पावर प्लांट हादसा,मुआवजा और मालिक पर FIR को लेकर हंगामा हुआ.चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने ईटीवी भारत से खास चर्चा की.
रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा में उद्योगों में हुए हादसे और कार्रवाई को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने सवाल पूछे. इस पर सरकार के जवाब से चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव असंतुष्ट नजर आए. वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने वेदांता पावर प्लांट के मालिक पर FIR दर्ज करने को लेकर पूछा कि क्या सरकार दूसरे प्लांट में हुए हादसों में भी मालिक के खिलाफ एक्शन लेगी.इस पर उद्योग मंत्री ने जवाब दिया कि जांच में जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी.वहीं वेदांता पावर प्लांट हादसे में सरकार ने सभी को मुआवजा मिलने की बात कही.सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया. इस बारे में ईटीवी भारत के ब्यूरो चीफ भूपेंद्र दुबे से चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने विशेष बात की.
सवाल : आपके विधानसभा क्षेत्र का मामला था आखिर ये क्या है ?
जवाब : मेरे क्षेत्र चंद्रपुर विधानसभा में एक पावर प्लांट है. उस पावर प्लांट का अगर आप देखेंगे तो इसकी हिस्ट्री बताऊं तो वेदांता से पहले था एथेना पावर प्लांट. प्लांट प्रबंधन पहले गांव आया और फिर गांव के लोगों को सपने दिखाएं कि आपके गांव को हम दिल्ली, कलकत्ता, बंबई बना देंगे. आप लोग जमीन देंगे तो आपके बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ेंगे. ये झूठी दिलासा देकर उन्होंने मायाजाल फैलाया. इसके बाद गांव की जमीन ले ली. जमीन मिलने के बाद प्लांट के स्ट्रक्चर को एथेना कंपनी ने खड़ा किया. लेकिन स्ट्रक्चर खड़ा करने के बाद भी एथेना उस प्लांट को चालू नहीं कर पाया. क्योंकि प्लांट चलाने के लिए कोयला,पानी चाहिए, इन सबके बिना प्लांट चालू नहीं होगा.ये सभी चीजें एथेना को नहीं मिली.आप समझ सकते हैं आखिर क्यों नहीं मिला. पूरे नौ साल तक ये प्लांट बंद रहा. इसके बाद फिर एक नया पावर प्लांट आया.वो अनिल अग्रवाल का वेदांता था. उन्होंने उस पूरे प्लांट को औने पौने दाम में खरीद लिया. इसके बाद उसको कोयला पानी सब मिला और प्लांट चालू हुआ. इसके बाद मैं आप सभी के माध्यम से दर्शकों को कहना चाहता हूं कि कैसे उस जगह पर घटना घटी. नौ साल से बंद फैक्ट्री को आप पूर्ण क्षमता के साथ चलाओगे तो ब्लास्ट कैसे नहीं होगा,आखिरकार ब्लास्ट हुआ. ब्लास्ट होते ही वहां पर 25 गरीब लोगों की मौत हो गई. वहीं 7 लोग घायल हुए जिनका इलाज चल रहा हैं. हम देखें उस जगह का जनप्रतिनिधि होने के नाते हम वहां गए, ग्रामीणों के साथ जाकर धरना प्रदर्शन किए. हमने प्रबंधन से कहा कि कितने लोगों को आप लोग और मारोगे.हम लोगों को आप लोग नौकरी नहीं देते है.यदि देते भी हैं तो नौकर का. बड़ी मुश्किल से 9 से 10 हजार रुपए महीने पर स्थानीय लोगों को काम देते हैं,जबकि जो लोग बाहर से आए हैं उन लोगों को अच्छी सैलरी में साहब बना दिया जाता है. जिनका जमीन गया है वो मात्र 9 हजार रुपए में पूरा महीना काम करता है. इन सबको लेकर हम लोगों ने धरना दिया मांग की. इसके बाद कंपनी ने कुछ लोगों को मुआवजा दिया. केंद्र सरकार ने दो लाख का मुआवजा देने के लिए कहा .राज्य सरकार ने 5 लाख का मुआवजा देने का ऐलान किया.लेकिन अब तक लोगों को मुआवजा नहीं मिला है.
जवाब : हम निश्चित तौर पर ये कहना चाहते हैं कि आज वेदांता पावर प्लांट के मालिक अनिल अग्रवाल के नाम पर FIR हुआ. प्लांट सिंघितराई चंद्रपुर विधानसभा में है.जबकि उसका मालिक अनिल अग्रवाल इंग्लैंड और अमेरिका में है.हमारे क्षेत्र में अडाणी का भी पावर प्लांट है जो मेरे यहां से पानी ले गए हैं.उसी प्रकार से नवीन जिंदल की फैक्ट्री है,सजन जिंदल का भी मोनेट है.इसलिए आज के बाद किसी भी फैक्ट्री में कोई घटना घटेगी तो हम कहेंगे कि इसके मालिक के खिलाफ FIR हो. कहीं ऐसा तो नहीं है कि अनिल अग्रवाल को दबाव में डालने के लिए इन्होंने ऐसा किया होगा.
सवाल : क्या सरकार ने आपकी बात मानी ?
जवाब : सरकार ने हर बार गोल मोल जवाब दिया. हमारे प्रथम पंक्ति के नेता चरणदास महंत और भूपेश बघेल जी ने इस बात को बार-बार पूछा गया कि और भी फैक्ट्री हैं यदि वहां दुर्घटना यदि भगवान करें ना हो.लेकिन यदि होती है तो क्या आप मालिक के खिलाफ FIR करेंगे,तो उनके मुंह में शक्कर जम गया था.उनके पास इसका कोई जवाब नहीं था.तो कहीं ऐसा ना हो किसी को कुछ देने के लिए किसी से कुछ लेने के लिए इस प्रकार का षडयंत्र करते हैं. और हम ये भी कहेंगे कि गरीब के लिए अलग कानून और अमीर के लिए अलग कानून.बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जी ने कानून बनाया है तो ये कानून सभी के लिए सामान है.इस बात पर भी हम सदन और सरकार से मांग किए थे.साभार






