रायपुर – राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा पक्ष और विपक्ष के बीच नोंक-झोक हुई. मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कल तक लिए स्थगित कर दी गई. सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने आज के दिन को छत्तीसगढ़ के इतिहास का काला दिन बताते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की.
चरणदास मंहत ने दिया स्थगन प्रस्ताव
शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। चरणदास महंत ने दावा किया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि लोगों ने राम मंदिर के लिए अपनी मेहनत की कमाई दान की थी लेकिन उनकी आस्था और भरोसे के साथ धोखा हुआ है।
बीजेपी विधायक ने जताई आपत्ति
स्थगन प्रस्ताव पर बीजेपी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हालांकि यह आस्था का मामला है, लेकिन यह ऐसा मुद्दा नहीं है जिस पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा की जाए। कांग्रेस सदस्यों ने जवाब दिया कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर के निर्माण में योगदान दिया है, इसलिए यह मुद्दा चर्चा के लिए प्रासंगिक है।
चरणदास महंत ने कहा कि विधानसभा के सदन ने 2024 में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर आभार व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था और सदन में इस मामले पर चर्चा भी हुई थी।
भूपेश बघेल ने लगाया आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए दिए गए चढ़ावे की लूट हुई है, जिस पर अजय चंद्राकर ने कड़ी आपत्ति जताई। इस बहस के बाद दोनों पक्षों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
मामला छत्तीसगढ़ का नहीं है
विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि उन्हें कांग्रेस सदस्यों से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस मिले थे, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया क्योंकि यह मामला छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं है। अध्यक्ष के फैसले के बाद कांग्रेस विधायक चर्चा की मांग पर अड़े रहे, जिससे अध्यक्ष को कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
- सोमवार से शुरू हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष ने किया हंगामा
- भूपेश बघेल ने कहा- हम स्थगन प्रस्ताव लेकर आए हैं चर्चा हो
- विधानसभा अध्यक्ष ने खारिज की विपक्ष की मांग
दिनभर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित
जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब विपक्ष ने फिर से यह मुद्दा उठाया और राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाने वाले पोस्टर दिखाए। अजय चंद्राकर ने कहा कि अध्यक्ष अपना फैसला सुना चुके हैं और बार-बार यह मुद्दा उठाना अध्यक्ष पद का अपमान है। लगातार हंगामे के बीच, अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य होने के बाद विपक्ष के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी. दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर से सत्तापक्ष और विपक्ष ने तीखी नोक-जोख होने लगी. सदन में दोनों तरफ से जय श्री राम के नारे लगे. एक तरफ जहां कांग्रेस विधायकों ‘पाकिट मारना बंद करो’ नारे लगा रहे थे, तो वहीं दूसरे ओर सत्ता पक्ष के विधायक ‘पाप धोने अगोध्या जाओ’ कहकर विपक्ष पर तंज कस रहे थे. स्थिति को देखते हुए स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी.
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मीडिया से चर्चा करते हुए नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि आज छत्तीसगढ विधानसभा में जो हुआ, वह करोड़ों राम भक्त के लिए काला दिन है. हमने राम मंदिर में हुई लूट पर चर्चा की मांग की थी. हम विपक्ष के साथी भक्तों की बात रखना चाहते थे, लेकिन हमें चर्चा की अनुमति नहीं दी गई. हर छत्तीसगढ़िया व्यक्ति का चंदा गया है. 1 रुपये लेकर लाखों रुपये का चंदा दिया गया. हम इस पर जाँच की मांग करते हैं. चंदा चोरी की जांच सीबीआई से होनी चाहिए.






