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रतनपुर: धर्म के नाम पर कैसा अधर्म! सामाजिक बहिष्कार का दंश बुजुर्ग बोले- अब आत्मदाह ही एकमात्र विकल्प

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बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव पोड़ी (मोहदा) में 57 वर्षीय बुजुर्ग संतोष कुमार साहू का मई 2023 से सिर्फ इसलिए सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है क्योंकि वे आर्थिक तंगी के कारण नवधा रामायण का चंदा नहीं दे पाए थे

बिलासपुर – तीन साल पहले आर्थिक तंगी की वजह से संतोष साहू गांव में होने वाले नवधा रामायण के लिए चंदा नहीं दे पाए। बस फिर क्या था। ग्रामीणों ने मीटिंग कर ली और संतोष के खिलाफ तालिबानी फैसला सुनाया दिया। संतोष का सामाजिक और सामूहिक बहिष्कार का ऐलान कर दिया। तब से लेकर आजतलक तीन साल से भी अधिक का समय हो गया है, संतोष से गांव के ग्रामीण को छोड़ दीजिए एक बच्चा तक नहीं बोलता। बीमार पत्नी के साथ रहने वाले संतोष की विवशता और परेशानी अब बढ़ने लगी है। गांव में उससे कोई बोलता नहीं, काम पर नहीं बुलाते, ऐसे में गुजारा कैसे चलेगा। बीमार पत्नी को लेकर वह जाए तो जाए कहां।

ग्राम नवागांव मोहदा के ग्रामीण ने आरोप लगाया है कि नवधा रामायण आयोजन के लिए चंदा नहीं देने पर गांव के लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित किसान का कहना है कि बातचीत, हुक्का-पानी, खेती-किसानी और मजदूरी तक बंद करा दी गई। मामले में उन्होंने कलेक्टर और एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित संतोष कुमार साहू (57) ने बताया, वर्ष 2023 में गांव में नवधा रामायण का आयोजन हुआ था। उस समय आर्थिक तंगी के कारण वह चंदा नहीं दे पाया था। इसके बाद गांव में बैठक कर उसके सामाजिक बहिष्कार का फैसला सुनाया दिया। ग्रामीण ने बताया, गांव वालों ने उससे सभी तरह के सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए। इतना ही नहीं, जो कोई उनसे बातचीत करेगा, उस पर भी जुर्माना लगाने की बात कही गई।

संतोष साहू ने बताया कि वे निसंतान हैं और अपनी बीमार पत्नी के साथ रहते हैं। सामाजिक बहिष्कार के कारण उसका सामान्य जीवन बुरी प्रभावित हो रहा है। गांव के माहौल की वजह से वे खेती-किसानी और मजदूरी जैसे काम भी सामान्य रूप से नहीं कर पा रहे हैं।

पीड़ित ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उसने कलेक्टर और एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।