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राम मंदिर दान चोरी की कहानी में बक्से की एंट्री, जिसपर है QR कोड, इसी में अविनाश ने रखा था 20 लाख

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अयोध्या – राम मंदिर दान चोरी के आरोपियों को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं. आरोपित अविनाश शुक्ला जिस किराए के कमरे में रह रहा था, वहां से एक संदूक बरामद हुई है, जिसपर राम राज्य कोष लिखा हुआ है. साथ ही उसपर पेटीएम का बार कोड भी लगा हुआ है. ऑनलाइन दान देने के लिए यह बार कोड लगा हुआ था. बक्से पर ताला लगा हुआ था. कमरे में दो और बक्से रखे हुए हैं. बताया जा रहा है कि दान चोरी के 5 लाख रुपये भी यहीं से बरामद हुए थे. अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ का रहने वाला है. अविनाश शुक्ला के घर पर पुलिस ने छापेमारी भी की थी.
योग केंद्र में राम मंदिर ट्रस्ट का बक्सा कैसे आया?
दान चोरी के 8 आरोपियों में एक अविनाश शुक्ला जिस योग केंद्र में अपने भाई अभिषेक शुक्ला के साथ रहता था. उस योग केंद्र की योगाचार्य सीमा तिवारी ने बताया कि दोनों भाई यहीं रहते थे. अविनाश को चंपत राय जी ने ही रखवाया था. ये संदूक की कहानी सवाल खड़ी करती है कि जिस संदूक पर राम राज्य कोष प्रशासन लिखा है और पेटीएम बार कोड बना है, वो संदूक यहां क्यों है.
दान चोरी का पैसा ट्रस्ट के बक्से में था
राम मंदिर के दान गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला राम मंदिर की निमित्त दान की जाने वाले बक्से में गबन का पैसा रखता था. पुलिस ने 5 जून को शाम 7:30 बजे अविनाश शुक्ला के किराए के मकान से 20 लाख रुपये रिकवर किया था. अविनाश शुक्ला को लेकर श्याम साधनालय में अभिषेक के भाई के तौर पर पहचान थी. डेढ़ साल पहले अविनाश शुक्ला अयोध्या आया था. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अभिषेक ने अविनाश की राम मंदिर ट्रस्ट में नौकरी लगवाई थी. राम मंदिर में दान गबन के पैसे को अविनाश उसी बक्से में रखता था, जिसका इस्तेमाल निमित दान के लिए किया जाता था. बक्से से 20 लाख से ज्यादा रुपए राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य और पुलिस ने 5 जून को बरामद किए थे.