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दुर्ग में स्मार्ट मीटर के खिलाफ फूटा गुस्सा, महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर मीटर तोड़े

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दुर्ग – महिलाएं और स्थानीय नागरिक बुधवार को बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लेकर जनदर्शन में पहुंचे और कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

स्मार्ट मीटर तोड़े, बढ़ी बिजली दरें वापस लेने की मांग

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्मार्ट मीटर जमीन पर पटककर तोड़ दिए. उन्होंने राज्य सरकार के साथ ही बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाने और बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग की.

‘बिजली बिल ने बिगाड़ा बजट’

प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ बिजली उत्पादन करने वाला राज्य है. यहां के कोयले से बिजली तैयार होती है. इसके बावजूद लगातार बिजली दरों में वृद्धि की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. महिलाओं ने कहा कि महंगाई पहले से ही लोगों की कमर तोड़ रही है. अब बढ़े हुए बिजली बिल ने घर का बजट बिगाड़ दिया है.

मेरे पति गार्ड का काम करते हैं. दस हजार रुपए कमाते हैं. हमारा 5 हजार का बिल आया है. बिजली बिल कम करे सरकार. हम बिल कैसे पटा पाएंगे-पुष्पा, प्रदर्शनकारी

पहले से ज्यादा बिजली बिल आने का आरोप

लोगों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिना किसी नए विद्युत उपकरण के इस्तेमाल के भी बिजली बिल पहले की तुलना में काफी ज्यादा आने लगे हैं. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए गड़बड़ी और हेरफेर की आशंका जताई.

कोई बर्तन मांजता है, कोई मजदूरी करता है, उनके घर में भी 1400 का बिल आ रहा है. पहले 400-500 रुपए आ रहा है. न एसी है न फ्रिज है, दो वक्त की रोटी का भी मुश्किल से जुगाड़ होता है. जब से नया मीटर लगा है, तब से बिजली बिल ज्यादा आ रहा है. बिजली ऑफिस भी गए थे तो सुनवाई नहीं है. हमारी तकलीफ सुनने वाला कोई नहीं है-ज्योति,प्रदर्शनकारी

धमकी देकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई जगह लोगों की सहमति के बिना कनेक्शन काटने की धमकी देकर स्मार्ट मीटर लगाए गए और मीटर लगाने वाले कर्मचारियों के पास अधिकृत पहचान पत्र तक नहीं थे.

उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा