“रानी दुर्गावती अदम्य साहस, शौर्य और नारी शक्ति की प्रतीक” – पूर्व विधायक ओंकार शाह
गरियाबंद – आदिवासी समाज द्वारा छुरा नगर में विरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर जिला स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलश यात्रा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, रक्तदान और समाज के लोगों का सम्मान किया गया।
शोभायात्रा से शुरुआत, रानी दुर्गावती चौक पर पूजा-अर्चना
आदिवासी समाज ने विशाल शोभायात्रा निकाली और बस स्टैंड के पास स्थित रानी दुर्गावती चौक पर प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्मुक्त खेल मैदान में विशाल सभा का आयोजन हुआ। सभा में युवक-युवतियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। रक्तदान शिविर में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में समाज के बुजुर्ग, महिला-पुरुष और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
“स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक थीं रानी दुर्गावती”: ओंकार शाह
सभा की अध्यक्षता कर रहे बिंद्रानवागढ़ के पूर्व विधायक कुमार ओंकार शाह ने कहा, “वीरांगना महारानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय इतिहास में अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मसमर्पण नहीं किया और स्वतंत्रता एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्राणों का बलिदान दिया।” उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता मजबूत करने का आह्वान किया।
“जल-जंगल-जमीन की रक्षा की प्रेरणा देती हैं रानी”: हीरा मीणा
मुख्य वक्ता एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर, राजस्थान के राष्ट्रीय आदिवासी समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता हीरा मीणा ने कहा, “महारानी दुर्गावती का जीवन साहस, त्याग और मातृभूमि की रक्षा के लिए समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने अंतिम सांस तक संघर्ष कर वीरता की मिसाल कायम की। उनके आदर्श हमें अपने अधिकारों, संस्कृति, परंपराओं और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।
“”अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश”: लोकेश्वरी नेताम
जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम ने कहा, “समाज की उन्नति शिक्षा, संगठन और एकता से ही संभव है। रानी दुर्गावती के आदर्श हमें अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने तथा समाज और राष्ट्रहित में समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
” “संघर्ष और स्वाभिमान की गाथा”: पन्नालाल ध्रुव
प्रांताध्यक्ष ध्रुव समाज एवं सरपंच संघ अध्यक्ष पन्नालाल ध्रुव ने कहा, “महारानी दुर्गावती ने अपने राज्य, संस्कृति और जनता की रक्षा के लिए अदम्य वीरता दिखाई। उनका बलिदान हमें अपने अधिकारों और परंपराओं की रक्षा के लिए सजग रहने का संदेश देता है।
“ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला पंचायत कृषि सभापति लेखराज ध्रुव, अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा के महासचिव लोकेन्द्र कोमर्रा, भाठीगढ़ राज आदिवासी नेता खेदु नेगी, टीकम कपिल, गुजरात कपिल, यशपेंद्र शाह, माहेश्वरी शाह सहित मानसिंह दिवान, पूरन सिंह ठाकुर, रंजीत सिंह ठाकुर, बलदाऊ राम ठाकुर, चंद्रशेखर रागवंशी, प्रहलाद ध्रुव, हिरऊ राम ध्रुव, शारदा दिवान, उमेश कुमार, भागवती दिवान, दीपक ध्रुव समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।






