रायपुर – सहकारी गृह निर्माण समितियों को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने और 20 लाख रुपये से अधिक के गबन के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने तत्कालीन वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक एवं परिसमापक राजकुमार नायडू के खिलाफ विशेष न्यायालय में करीब 3500 पन्नों का चालान प्रस्तुत किया है। एसीबी की जांच में आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर नियमों की अनदेखी करते हुए सहकारी समितियों की संपत्तियों में अनियमितता बरतने और सरकारी विश्वास को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि समिति में सड़क और रास्तों के लिए सुरक्षित रखी गई भूमि का भी नियमों को ताक पर रखकर विक्रय कर दिया गया, जिससे समितियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। भैरव गृह निर्माण समिति में आरोपी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को भूखंड आवंटित कर उनका पंजीयन करा दिया। इसके अलावा, एक सदस्य से भूखंड की पूरी राशि प्राप्त करने के बावजूद बिना सूचना दिए उसी भूखंड का पंजीयन दूसरे सदस्य के नाम कर दिया गया।






