छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए मजारों, दरगाहों और उर्स के दौरान होने वाले मजहबी जलसों में डीजे और धूमाल पर रोक लगा दी है. वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने इस संबंध में राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर व्यवस्था सख्ती से लागू कराने और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही दरगाह-मजार प्रबंधन समितियों और मुस्लिम समाज से भी अपील की गई है कि धार्मिक कार्यक्रम इस्लामिक दायरे में रहकर आयोजित किए जाएं.
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने ऐसे धार्मिक आयोजनों में डीजे और धूमाल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. इस संबंध में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए. इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई है.
वक्फ बोर्ड की ओर से दरगाहों और मजारों की प्रबंधन समितियों के साथ-साथ मुस्लिम समाज के लोगों से भी अपील की गई है कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन इस्लामिक दायरे में रहकर किया जाए. बोर्ड का कहना है कि मजहबी आयोजनों का उद्देश्य शांति, भाईचारा और इबादत होना चाहिए, लेकिन कई जगहों पर इन कार्यक्रमों में डीजे बजाने और हुड़दंग जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं.
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने ऐसे धार्मिक आयोजनों में डीजे और धूमाल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. इस संबंध में वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने राज्य के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए. इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने की भी बात कही गई है.
वक्फ बोर्ड की ओर से दरगाहों और मजारों की प्रबंधन समितियों के साथ-साथ मुस्लिम समाज के लोगों से भी अपील की गई है कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन इस्लामिक दायरे में रहकर किया जाए. बोर्ड का कहना है कि मजहबी आयोजनों का उद्देश्य शांति, भाईचारा और इबादत होना चाहिए, लेकिन कई जगहों पर इन कार्यक्रमों में डीजे बजाने और हुड़दंग जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं.