नई दिल्ली – महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपितों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। विशेष न्यायालय ने ईडी द्वारा फ्रीज किए गए 666 करोड़ रुपये के शेयरों में ट्रेडिंग की अनुमति देने से संबंधित याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही 13 कंपनियों में किए गए संदिग्ध निवेश पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी।
सुनवाई के दौरान आरोपितों ने दलील दी कि बाजार में गिरावट के कारण उन्हें भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए शेयर बेचने की अनुमति दी जाए। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।
ईडी के अनुसार, महादेव सट्टा नेटवर्क से अर्जित अवैध धन को वैध दिखाने के लिए दुबई के रास्ते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआइ) का इस्तेमाल किया गया। जांच में सामने आया है कि करीब 666 करोड़ रुपये भारतय शेयर बाजार में लगाए गए, जिनका संबंध मनी लॉन्ड्रिंग से है।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह रकम हवाला नेटवर्क के जरिए पहले विदेश भेजी गई और फिर मुखौटा कंपनियों के माध्यम से विदेशी निवेश के रूप में भारत लाई गई। ईडी ने बताया कि दुबई में बैठे कोलकाता के हवाला कारोबारी हरिशंकर टिबरेवाल और गोविंद केड़िया इस नेटवर्क के प्रमुख किरदार हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।






