मार्को रुबियो बोले- जल्द आ सकती है ‘गुड न्यूज’दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए मार्को रुबियो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले कुछ घंटों में दुनिया को एक अच्छी खबर मिल सकती है.’ हालांकि उन्होंने संभावित समझौते की पूरी जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनके बयान से संकेत मिला कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी बड़े राजनयिक समाधान पर सहमति बन सकती है.
ट्रंप ने भी दिया 60 दिन के सीजफायर का संकेतइससे कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि वॉशिंगटन 60 दिन के युद्धविराम विस्तार के बेहद करीब है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका, ईरान और कई अन्य देशों के बीच एक समझौते पर व्यापक सहमति बन चुकी है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है.
होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर फोकसरुबियो ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना शामिल है, जिसे संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने काफी हद तक बंद कर दिया था. इस डील के तहत ईरान को अपना तेल बेचने की अनुमति भी दी जा सकती है. वहीं ईरान की मांग है कि अमेरिका उसकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करे, विदेशी संपत्तियां जारी करे और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाए.
‘ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रख सकता’मार्को रुबियो ने दो टूक कहा कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
जयशंकर बोले- भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देगाविदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस मुद्दे पर भारत का रुख साफ किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर काम करता है, जबकि भारत ‘इंडिया फर्स्ट’ नीति को प्राथमिकता देता है. जयशंकर ने कहा कि भारत के पास कई सस्ते और अलग-अलग ऊर्जा स्रोत हैं और देश अपनी जरूरतों के मुताबिक मल्टीपल सोर्स से ऊर्जा खरीदता रहेगा.