गरियाबंद मुख्य मार्ग जोबा नर्सरी के पास जंगल मे भीषण आग देर रात तक लगी रही, वन्यप्राणी व्याकुल
शेख हसन गरियाबंद – मैनपुर गरियाबंद नेशनल हाइवे 130 सी जोबा नर्सरी के नजदीक जंगल मे 01 किमी तक भीषण आग लगने से मार्ग मे आने जाने वाले राहगीर इस गर्मी के दिनो मे तपिस से बेहद परेशान हो गये वही चारो तरफ धुंआ ही धुआ दिखाई दे रहा है। जंगल मे आग लगने की जानकारी स्थानीय ग्रामीणो व राहगीरो द्वारा नर्सरी और वन विभाग को देने के बावजूद आग को बुझाने कोई नही पहुंचा और देर रात तक जंगल मे आग धधकती रही मामला गरियाबंद वन मंडल अंतर्गत का है। मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार दोपहर 04 बजे के आसपास जंगल मे जोबा नेशनल हाइवे के किनारे आग लगी हुई थी और यह आग देखते ही देखते भड़क उठा तथा 01 किमी तक चारो तरफ जंगल मे भीषण आगजनी से छोटे -छोटे पौधे कीट पतंगे जलकर राख हो गये आग इतना भीषण लगा हुआ था कि इसकी तपिस नेशनल हाइवे मे चलने वाले राहगीर परेशान होते रहे और जो दिन मे आग लगी थी वह रातभर जंगल धधकता रहा अब सिर्फ वहा राख ही नजर आ रहा है।
आग से वन्यजीवो और पर्यावरण को भारी खतरा
जंगल मे लगने वाली आग से जहां छोटे बड़े पेड़ पौधे जलकर राख हो रहे है वही वन्यजीवो का जीवन भी संकट मे पड़ गया है जंगलो मे आग लगने से स्थानीय परिस्थितिक तंत्र को गहरा आघात लगता है जिसका असर वर्षो तक महसूस किया जा सकता है। महुआ संग्रहण के चक्कर मे लगातार आगजनी की घटना बढ़ी है और इस वर्ष गरियाबंद वन मंडल मे आगजनी से जगह -जगह भारी नुकसान पहुंचा है।
गरियाबंद डीएफओ से मांग-जिम्मेदारो पर किया जाये कार्यवाही
नेशनल हाइवे के किनारे जंगल दोपहर से आधी रात तक धधकता रहा जिसकी जानकारी देने के बाद भी उस क्षेत्र के जिम्मेदार वन परिक्षेत्र अधिकारी और वन विभाग के कर्मचारी आग को बुझाने नही पहुंचे जिन्हे जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिली है उनके द्वारा निष्क्रियता और उदासीन रवैया समझ से परे है। पर्यावरण प्रेमियो ने गरियाबंद वन मंडलाधिकारी शशिगानंद से मांग किया है कि नेशनल हाइवे के किनारे आगजनी की घटना को रोकने मे उदासीन रवैये अपनाने वाले संबंधितो के खिलाफ कार्यवाही किया जाये। इस संबंध मे संबंधित वन परिक्षेत्र अधिकारी से जानकारी लेने के लिए मोबाइल से संपर्क किया गया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।






