कांकेर जिले के पखांजूर में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बंग समाज के आह्वान पर बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
Bengal community strike: छत्तीसगढ़ के Kanker district के पखांजूर क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा बढ़ता दिख रहा है, जो अब खुले आंदोलन में बदलता नजर आ रहा है। शुक्रवार को बंग समाज द्वारा बंद का आह्वान किया गया, जिसका असर सुबह से ही पूरे इलाके में साफ देखने को मिला।
बंद का व्यापक असर
पखांजूर, कापसी और बांदे क्षेत्र में सुबह से ही बाजार पूरी तरह बंद रहे। दुकानें नहीं खुलीं और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक समुदाय का विरोध नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की नाराजगी सामने आ रही है। बंग समाज के आह्वान को सर्वसमाज का समर्थन मिलना इस आंदोलन को और मजबूत बना रहा है। यही वजह है कि बंद का असर व्यापक रहा और लोग स्वेच्छा से इसमें शामिल होते नजर आए।
बुलडोजर कार्रवाई बनी विवाद की वजह
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में पखांजूर के नया पारा इलाके में प्रशासन ने 6 घरों पर बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई की गई, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों का कहना है कि जिन घरों पर कार्रवाई हुई, वे लंबे समय से वहां रह रहे थे और अचानक की गई इस कार्रवाई ने उन्हें असहाय स्थिति में ला दिया है।
एसडीएम कार्यालय घेराव की तैयारी
बंग समाज ने इस मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। पखांजूर में एसडीएम कार्यालय का घेराव करने की तैयारी चल रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और कार्रवाई के विरोध में ज्ञापन सौंपे जाने की भी बात सामने आ रही है।
परलकोट इलाके में बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद परलकोट इलाके में माहौल काफी गरमाया हुआ है। लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है और स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन के सामने चुनौती
इस विरोध ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोगों की नाराजगी को शांत करना भी जरूरी है। अगर समय रहते संवाद और समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
क्या चाहते हैं लोग?
स्थानीय लोगों की मांग है कि—
- बुलडोजर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो
- प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए
- भविष्य में ऐसी कार्रवाई से पहले लोगों को विश्वास में लिया जाए






