प्रभु राम के वनवास और भरत मिलाप का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
गरियाबंद – गुजरात के भेस्तान स्थित मलवेरी हेवन में आयोजित श्रीमद् रामकथा के पांचवें दिन मंगलवार को भक्ति की अविरल धारा बही।
अंतरराष्ट्रीय कथावाचक आचार्य युवराज पांडे ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के वनवास, निषाद राज चरित, शबरी मिलन और हृदयविदारक ‘भरत विलाप’ का मार्मिक वर्णन किया। जब व्यासपीठ से प्रभु राम, माता सीता और लक्ष्मण के वन गमन का वृत्तांत सुनाया गया, तो पांडाल में मौजूद भक्तों की आंखों से अश्रुधारा रुकने का नाम नहीं ले रही थी।
महाराज की ओजस्वी वाणी और प्रस्तुति इतनी सजीव थी कि श्रद्धालुओं को साक्षात त्रेतायुग का दृश्य अपनी आंखों के सामने घटित होता प्रतीत हुआ। भरत विलाप के प्रसंग ने आयोजक टीम सहित हर महिला और पुरुष को झकझोर कर रख दिया। पूरा वातावरण भक्ति और करुणा के भाव में डूब गया।
वही कथावाचक पंडित युवराज पांडे द्वारा छत्तीसगढ़ी में भजन लोगों को भक्ति के रस में झूमने मजबूर कर दिया,






