अयोध्या – सनातन परंपरा के अत्यंत शुभ पर्व अक्षय तृतीया पर रामनगरी भक्ति, उल्लास और श्रद्धा से सराबोर नजर आई। उदया तिथि की मान्यता के चलते शहर के प्रमुख मठ-मंदिरों में अक्षय तृतीया का पर्व सोमवार को मनाया गया। राम मंदिर में विराजमान रामलला का इस अवसर पर विशेष शृंगार किया गया। इसके साथ ही प्रभु को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
साकेत भवन में राष्ट्र कल्याण व विश्व शांति का संकल्प
अयोध्या साकेत भवन मंदिर में अक्षय तृतीया के पुण्य अवसर पर आचार्य प्रवीण शर्मा के संयोजन में विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। राष्ट्र कल्याण और विश्व शांति की कामना से 11 वैदिक आचार्यों ने श्री सूक्त, पुरुष सूक्त और श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। आचार्य प्रवीण शर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया केवल शुभ तिथि नहीं, बल्कि सत्कर्म, दान, धर्म और लोकमंगल का संदेश देने वाला पर्व है। इस दिन किया गया जप, तप, दान और पूजा अक्षय फल प्रदान करती है। यदि समाज धर्म, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चले तो राष्ट्र और विश्व दोनों में शांति स्थापित हो सकती है।






