Home देश अब हक में देरी नहीं! महिला आरक्षण पर पीएम मोदी ने देवभूमि...

अब हक में देरी नहीं! महिला आरक्षण पर पीएम मोदी ने देवभूमि से भरी हुंकार

31
0
Nari Shakti Vandan Adhiniyam Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता फिर से दोहराई है. उत्तराखंड के देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बड़ी बात कही. पीएम ने स्पष्ट किया कि चार दशकों के लंबे इंतजार के बाद यह कानून बना है. अब महिलाओं को उनके अधिकार मिलने में कोई भी देरी नहीं होनी चाहिए. केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है. इस सत्र में सांसदों की संख्या बढ़ाकर 816 करने और महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने पर चर्चा होगी. पीएम मोदी ने इसके लिए देश की महिलाओं के नाम एक विशेष पत्र भी लिखा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने नारी शक्ति को इस ऐतिहासिक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है.
  • प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में साफ किया कि 2029 का लोकसभा चुनाव महिलाओं के लिए ऐतिहासिक होगा. उन्होंने कहा कि देश की भावना यही है कि आरक्षण जल्द से जल्द जमीन पर उतरे. संविधान संशोधन के जरिए लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने का रास्ता साफ होगा. 16 से 18 दिसंबर के बीच संसद में इस पर गहन मंथन किया जाएगा.
  • पीएम ने देवभूमि से सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने का संदेश दिया है. उन्होंने अपील की है कि राजनीति से ऊपर उठकर इस कानून को सर्वसम्मति से पारित किया जाए.
  • संसद के आगामी सत्र में सांसदों की संख्या 816 करने संबंधी प्रावधान पर भी सबकी नजरें टिकी हैं. यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को उनका वाजिब हक मिलना ही चाहिए. उन्होंने विश्वास जताया है कि सभी दल इस संशोधन का समर्थन करेंगे.
  • पीएम ने पत्र में माताओं और बहनों को विश्वास दिलाया है कि उनकी भागीदारी से ही लोकतंत्र मजबूत होगा. सरकार का लक्ष्य 2029 से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करना है ताकि भविष्य के चुनावों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
  • पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से आग्रह किया है कि वे इस महत्वपूर्ण कानून में होने वाले संशोधनों को अपना समर्थन दें. उन्होंने कहा कि यह किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश की नारी शक्ति का सम्मान है. देवभूमि से दी गई इस आवाज का असर पूरे देश में देखा जा रहा है. मोदी के पत्र ने महिलाओं के बीच एक नया उत्साह पैदा कर दिया है. सरकार इस मामले में कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है
अब सबकी निगाहें 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद सत्र पर टिकी हैं. वहां तय होगा कि देश की आधी आबादी को उनका हक कितनी जल्दी मिलता है.