रायपुर – अमलेश्वर थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालक के अपहरण और एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के आरोप में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सेंट्रो गाड़ी भी बरामद की है। इस मामले में एक युवती भी शामिल है।
प्रार्थी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका नाबालिग बेटा अपने भांजे के साथ मोटरसाइकिल बनवाने गया था। इसी दौरान उसे एक सेंट्रो गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। अपहरण के बाद अज्ञात दूरभाष कॉल आने पर आरोपियों ने बच्चे को छोड़ने के एवज में एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।
फिरौती की रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और अज्ञात कॉल करने वाले नंबर का स्थान पता लगाया। स्थान धमतरी की ओर का मिला। इसके बाद पुलिस ने धमतरी पुलिस की मदद से नाकेबंदी की। सेंट्रो गाड़ी को रोककर आरोपियों और नाबालिग को धमतरी अर्जुनी थाना ले जाया गया।
अमलेश्वर पुलिस ने आरोपियों और अपहरण किए गए बालक से पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि नाबालिग बालक के पिता ठेकेदार हैं और उनके पास बहुत पैसा है। उन्होंने उसके बेटे को प्यार में फंसाकर पैसे की मांग करने की योजना बनाई थी। योजना के तहत आरोपियों ने एक लड़की के माध्यम से प्रेमजाल में फंसाकर घूमने जाने के बहाने से बुलाया। फिर उसे सेंट्रो गाड़ी में बैठाकर ले गए और प्रार्थी के घर कॉल कर फिरौती मांगी।
दुर्ग ग्रामीण पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि प्रार्थी ने अमलेश्वर थाने में बेटे के अपहरण की सूचना दी थी। अज्ञात कॉलर ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने अज्ञात कॉलर के नंबर का स्थान पता लगाया, जो धमतरी में पाया गया। धमतरी पुलिस की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहरण किए गए बालक को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल सेंट्रो गाड़ी और छह दूरभाष बरामद किए हैं। सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।






