नई दिल्ली – क्या होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण देश में ईंधन का संकट गहराने वाला है? इस पर स्थिति साफ करते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आम जनता को आश्वस्त किया है। सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण सप्लाई चेन को सुव्यवस्थित रखने के लिए गैस बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं।
आइए, जरूरी सवालों के जवाब के जरिए आसान भाषा में समझते हैं इन बदलावों का आम आदमी पर क्या असर होगा?
सवाल – क्या देश में पेट्रोल-डीजल या रसोई गैस की किल्लत होने वाली है?
जवाब – नहीं, वर्तमान में देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में पेट्रोल-डीजल की खरीदारी या एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग न करें। भू-राजनीतिक हालात के कारण सप्लाई पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। आपूर्ति की स्थिरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 4 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को देशभर में 55 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए।

सवाल: गैस आपूर्ति में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है और प्रवासी मजदूरों का क्या?




