शर्मा और कमलनाथ के बयान इसका प्रमाण है कि हम एकमात्र लोकतांत्रिक पार्टी – कांग्रेस
भोपाल – मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ भी अपनी राह बदल सकते हैं। बेटे नकुल नाथ और उनके समर्थकों की गतिविधियां इस बात की पुष्टि कर रही हैं कि वह जल्द ही औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शनिवार को बेटे के साथ दिल्ली पहुंचने से अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। उनके बेटे नकुल नाथ ने एक्स बायो से कांग्रेस शब्द को हटाकर अटकलों को और बल दे दिया है।
दूसरा, मीडिया से बातचीत में भी कमल नाथ ने भाजपा में जाने की बात से इन्कार नहीं किया है। छिंदवाड़ा से नौ बार के सांसद रहे कमल नाथ ने दिल्ली में कहा कि अगर ऐसी कोई बात होगी तो सबसे पहले आप लोगों को सूचना दूंगा। इंटरनेट मीडिया के कई प्लेटफार्म पर वह ट्रेंड कर रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि 10 विधायक भी उनके साथ कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और उनके बेटे नकुल नाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलें कुछ दिन से लगाई जा रही थीं, मगर शनिवार को ये और तेज हो गईं। दोनों अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले छिंदवाड़ा से भोपाल होते हुए दिल्ली पहुंच गए। इस बीच, नकुल नाथ ने अपने एक्स बायो से कांग्रेस शब्द हटा दिया।
इसके बाद कमल नाथ के समर्थक और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी अपने बायो से कांग्रेस का चिह्न हटा लिया। उनके समर्थक ‘जहां कमल नाथ, वहां हम ‘ एक्स पर पोस्ट कर रहे हैं। समर्थकों ने भी दिल्ली का रुख किया है। बता दें कि कमल नाथ 44 वर्ष से मध्य प्रदेश में कांग्रेस का बड़ा चेहरा बने हुए हैं। इंदिरा गांधी भी राजीव गांधी व संजय गांधी के बाद कमल नाथ को अपना तीसरा बेटा मानती थीं।
पार्टी छोड़ने की वजह यह तो नहीं मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में पार्टी की हार के बाद से ही कमल नाथ और राहुल गांधी में संबंध ठीक नहीं हैं। मप्र कांग्रेस अध्यक्ष के पद से कमल नाथ को हटाने के बाद से खटास और बढ़ गई। वह मप्र छोड़कर दिल्ली लौटना चाहते थे, इसलिए राज्यसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, लेकिन बात नहीं बनी।
छिंदवाड़ा में कांग्रेस का नाम तक नहीं लिया
छिंदवाड़ा के ग्रामीण अंचल की एक सभा में शनिवार को कमल नाथ ने कांग्रेस का नाम तक नहीं लिया। हां, वह भावुक जरूर नजर आए। उन्होंने कहा कि आप सबके प्यार और विश्वास से मुझे बल मिलता है। उम्मीद करता हूं कि आखिरी सांस तक यही प्यार और भरोसा मिलता रहेगा। लोस चुनाव में भी होगा नुकसान कमल नाथ और उनके समर्थकों द्वारा पार्टी छोड़ने से प्रदेश पार्टी को बड़ा झटका लगेगा। वह पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं और उनके जाने से लोकसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है। आर्थिक तंगी के कारण पार्टी के खर्चे भी कमल नाथ उठाते थे।
पूर्व लोस अध्यक्ष ने दिया था भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पिछले दिनों कमल नाथ को भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा था कि कमल नाथ राम का नाम लेकर देश हित में काम करने के लिए भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शुक्रवार को भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कमल नाथ-नकुल नाथ का नाम लिए बिना कहा था कि जिसके मन में राम हैं और जो देश की सेवा करना चाहता है, भाजपा में उसका स्वागत है।
कमल नाथ कहीं नहीं जा रहे हैं। मेरी उनसे शुक्रवार को ही बात हुई थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत गांधी परिवार का हाथ थामकर की। उन्होंने उस समय लड़ाई लड़ी, जब जनता पार्टी की सरकार इंदिरा गांधी को जेल भेज रही थी। उस आदमी का कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने का सवाल ही नहीं उठता। -दिग्विजय सिंह, कांग्रेस नेता व पूर्व मुख्यमंत्री (जबलपुर में बयान दिया)
मेरी कमल नाथ से शनिवार सुबह ही बात हुई है। वह कभी कांग्रेस छोड़कर नहीं जाएंगे। गांधी और नाथ परिवार के बीच जो रिश्ता है, वह अपनत्व और भरोसे का है। जब 1980 में वह छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़े थे तब इंदिरा गांधी ने उन्हें अपना तीसरा पुत्र बताया था। – जीतू पटवारी, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष (एक्स पर पोस्ट)
कांग्रेस ने अपने दो वरिष्ठ नेताओं आनंद शर्मा और कमलनाथ के बयानों को लेकर शुक्रवार को कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि वह देश की एकमात्र लोकतांत्रिक पार्टी है। आनंद शर्मा ने पश्चिम एशिया संकट से निपटने के सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि संभावित खतरों से बचते हुए भारत ने परिपक्व तथा कुशल कूटनीतिक तरीके से स्थिति को संभाला है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बृहस्पतिवार को कहा था कि देश में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है, लेकिन पश्चिम एशिया संकट के बीच इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की व्यवस्थाओं में खामियां जरूर हैं।
शर्मा और कमलनाथ के बयानों के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, ”यह इस बात का प्रमाण है कि देश में एकमात्र लोकतांत्रिक पार्टी कांग्रेस है।” आनंद शर्मा और कमलनाथ के बयान पश्चिम एशिया मामले और कथित एलपीजी संकट पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख के विपरीत हैं।






