नई दिल्ली – 1 अप्रैल 2026 से देश में नया वित्तीय वर्ष (FY 2026-27) शुरू होने जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी कई आर्थिक नियमों में बड़े फेरबदल किए जा रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों से लेकर रेलवे टिकट कैंसिलेशन और बैंकिंग चार्ज तक के नियमों में बदलाव होने वाला है।
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। मार्च में घरेलू गैस की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद, 1 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर LPG और हवाई ईंधन (ATF) की नई कीमतें जारी होंगी। प्राकृतिक गैस की कीमतों में संशोधन के कारण आपके शहर में सीएनजी और पीएनजी के दाम भी बदल सकते हैं, जिससे परिवहन और रसोई का बजट प्रभावित होगा।
1 अप्रैल 2026 से भारत में 1961 के पुराने कानून की जगह ‘आयकर अधिनियम 2025’ पूरी तरह लागू हो जाएगा। टैक्स स्लैब वही रहेंगे लेकिन नियमों की जटिलता कम की गई है। ITR-3 और ITR-4 (व्यापारियों और पेशेवरों) के लिए रिटर्न भरने की समय सीमा अब 31 अगस्त होगी। नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
बड़े बैंकों ने अपने कैश ट्रांजैक्शन और एटीएम नियमों को सख्त कर दिया है। HDFC बैंक अब UPI आधारित कैश निकासी को भी आपकी मासिक ‘फ्री लिमिट’ में गिनेगा। लिमिट खत्म होने पर ₹23 + टैक्स प्रति ट्रांजैक्शन देना होगा। PNB ने चुनिंदा डेबिट कार्ड्स पर डेली लिमिट घटा दी है (जैसे ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000)। बंधन बैंक ने भी फ्री ट्रांजैक्शन के बाद फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर ₹23 का शुल्क तय किया है।
पैन कार्ड बनवाने या अपडेट करने की प्रक्रिया अब पहले जैसी सरल नहीं रहेगी। 1 अप्रैल से नया पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा। आपको जन्म प्रमाण पत्र वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। नया आवेदन करते समय नाम और जन्मतिथि का आधार से हूबहू मिलना अनिवार्य होगा, अन्यथा आवेदन रद्द हो जाएगा।
भारतीय रेलवे ने 1 अप्रैल 2026 से कंफर्म टिकट रद्द करने के रिफंड नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले (पहले 4 घंटे था) टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। 25% कटौती वाला स्लैब अब 72 घंटे से 24 घंटे के बीच लागू होगा। अधिकतम रिफंड पाने के लिए आपको अब कम से कम 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा ,






