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मां गेम खेलने से मना कर रही इसलिए मरने जा रहा… हथेली पर लिखकर युवक ने की खुदकुशी

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मऊ जिले के दोहरीघाट कस्बे में एक युवक ने फंदे से लटककर जान दे दी। उसने हथेली पर लिखा कि मां गेम खेलने से मना कर रहीं इसलिए मरने का प्रयास कर रहा हूं। 
मऊ -

मौ गेम की लत से एक और युवा ने जान गंवा दी। मां ने गेम खेलने से मना किया तो दोहरीघाट कस्बा निवासी जितेंद्र साहनी (22) ने फंदे से लटककर  आत्महत्या कर ली। गेम में पैसा हारने के बाद से परिजन नाराज रहते थे। मरने से पहले जितेंद्र ने अपनी हथेली पर लिखा कि मां गेम खेलने से मना कर रही है, इसलिए मरने की कोशिश कर रहा हूं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शव को जिला अस्पताल भेजा। जितेंद्र ने कुछ दिन पहले ही कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा दी थी। घर पर मां और छोटी बहन के साथ रहता था।

 पूरा मामला
मां शिवकुमारी ने बताया कि बेटा दिनभर घूमता और पबजी गेम खेलता रहता था। पढ़ाई के लिए बोलती तो बाहर चला जाता। लेकिन क्या पता था कि गेम खेलने पर पाबंदी लगाना घातक साबित हो जाएगा। सोमवार की दोपहर भी उन्होंने गेम खेलने से मना किया तो वह बाहर चला गया। शाम को घर पहुंचा तो बिना किसी से बात किए सीधे अपने कमरे में चला गया।
दरवाजा खटखटाने पर नहीं निकला बाहर तो हुई शंका
कमरे में उसने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। काफी समय बीतने के बाद भी जितेंद्र खाना खाने कमरे से बाहर नहीं निकला तो मां और छोटी बहन को चिंता हुई। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। रोशनदान से झांककर देखा तो जितेंद्र का शव फंदे से लटक रहा था। दृश्य देख मां- बेटी चीखने चिल्लाने लगीं। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग भी पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी।
तहरीर में परिवार ने बताया है कि जितेंद्र दिनभर पबजी गेम खेलता रहता था। मना करने पर घर से निकल जाता था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। -संजय कुमार त्रिपाठी, थाना प्रभारी निरीक्षक, दोहरीघाट
हाथ पर लिखे शब्द देख दंग रह गए लोग

दोहरीघाट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्रिपाठी फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर शव उतारा। हाथ पर कुछ शब्द लिखे थे, जिसे पढ़कर वहां मौजूद सभी हैरान रह गए। उसने हाथ पर लिखा था कि मां पबजी खेलने से मना कर रही थी, मरने की कोशिश कर रहा हूं। जितेंद्र दो भाई, एक बहन में दूसरे नंबर का था। पिता राजेश साहनी कुछ दिन पहले ही रोजी रोटी की तलाश में हैदराबाद गए हैं और बड़ा भाई विदेश में रहता है।