रायपुर – हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का बहुत महत्व है, लेकिन चैत्र अमावस्या सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अगले ही दिन से चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होता है। इस साल 18 मार्च को पड़ने वाली यह अमावस्या पितरों की कृपा पाने के लिए बहुत शुभ मानी जा रही है। वहीं, इस दिन स्नान-दान का भी विधान है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों का दान करना चाहिए?
चैत्र अमावस्या पर करें इन चीजों का दान
काले तिल और गुड़
अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित है। इस दिन काले तिल और गुड़ का दान करने से पितृ खुश होते हैं। अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है या परिवार के सदस्य अक्सर बीमार रहते हैं, तो यह दान रामबाण की तरह फलदायी होता है।
अनाज का दान
सात प्रकार के अनाज जैसे कि जौ, गेहूं, चावल, तिल, कंगनी, चना और मूंग आदि का दान करने से दरिद्रता का नाश होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनाज का दान करने से घर में अन्नपूर्णा देवी का वास होता है और कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है।
सफेद कपड़े और घी
चैत्र अमावस्या पर किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को सफेद कपड़े और गाय के शुद्ध घी का दान करें। सफेद रंग चंद्रमा और शांति का प्रतीक है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति देता है और शुक्र ग्रह को मजबूत करता है, जिससे भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है।
जल और मौसमी फल
चैत्र महीने से गर्मी की शुरुआत होने लगती है और यह अमावस्या चैत्र माह में आती है। इसलिए इस समय जल का दान और मौसमी फलों का दान बहुत पुण्यदायी माना जाता है। इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
रखें इन 3 बातों का ध्यान
- दान देने से पहले हाथ में जल लेकर संकल्प करें कि आप यह दान अपने पितरों की शांति और परिवार के कल्याण के लिए कर रहे हैं।
- अमावस्या का दान सुबह स्नान के बाद या दोपहर के समय करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद दान करने से बचना चाहिए।
- दान हमेशा ऐसे व्यक्ति को दें, जिसे उसकी जरूरत हो।
- दान के समय मन पवित्र रखें।
शनि को खुश करने के लिए अमावस्या की रात करें ये 5 उपाय
शनि अमावस्या के अचूक उपाय
- शनि अमावस्या की रात काली चीजों का दान करें। इस दिन आप काले तिल और काले कपड़ों का दान कर सकते हैं। इससे आपको शनि दोष से छुटकारा मिलेगा और कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होगी।
- यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में सदा खुशियां बनी रहें, तो अमावस्या की रात शनि देव के नाम पर दीपक जलाएं और उसे अपने घर की चौखट पर रख दें। इस दौरान 108 बार शनि मंत्र का जाप करें।
- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए अमावस्या की रात काली चींटियों को आटा डालें या काले कुत्ते को भोजन कराएं। इस उपाय से आपको शनि दोष से छुटकारा मिलेगा और जीवन में चल रही समस्याएं भी जल्द समाप्त हो जाएंगी।
- अमावस्या के दिन शनि देव के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करना शुभ माना जाता है। खासतौर पर रात के समय बजरंग बली की पूजा करने से साधक को विशेष लाभ होता है। इसलिए अमावस्या की रात शनि देव और हनुमान जी की पूजा करें। साथ ही घर के मंदिर में उनके नाम का चौमुखी सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय से आपके जीवन में चल रही परेशानियां काफी कम हो जाएंगी।
- अगर आप चाहते हैं कि आपके घर-परिवार में सदा खुशियां बनी रहें और आपको कभी पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़े, तो इसके लिए शनि अमावस्या की रात पीपल के पेड़ की पूजा करें। पूजा करने के बाद पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपको शनि देव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा और जीवन में आ रही परेशानियां भी कम होने लगेंगी।






