कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि सदन में एक पक्ष को बोलने के अधिकार से वंचित किया जाना बहुत अजीबो-गरीब है. उन्होंने कहा कि रकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की रुची सदन चलाने की नहीं है.
नई दिल्ली – लोकसभा में गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सदन में हंगामे के बाद लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की रुची सदन चलाने की नहीं है. उन्होंने कहा कि बार-बार लोकसभा में हंगामे के कारण वह केंद्रीय बजट 2026-27 पर नहीं बोल पाए.
आखिर क्या चाहती है सरकार: शशि थरूर
संसद परिसर में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सवालिया अंदाज में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और सरकार आखिर क्या चाहते हैं? उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपनी बात रखने की अनुमति मिलनी चाहिए और सदन में एक पक्ष को बोलने के अधिकार से वंचित किया जाना बहुत अजीबो-गरीब है.
उन्होंने कहा, ‘स्थिति बहुत अजीब है. मुझे नहीं पता कि अध्यक्ष या सरकार सदन में बजट पर चर्चा चाहते हैं या नहीं. सदन की 70 सालों से अधिक की एक पुरानी परंपरा है कि पहले नेता प्रतिपक्ष और फिर संसदीय कार्य मंत्री को बोलने का अवसर दिया जाता है.’
लोकसभा अध्यक्ष से मिले राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार (9 फरवरी 2026) को कुछ अन्य विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की. कांग्रेस सासंद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर को उन मुद्दों से अवगत कराया जिन्हें वे सदन में उठाना चाहते हैं. यह बैठक कुछ ही मिनट चली. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक आठ कांग्रेस सांसदों के निलंबन का मुद्दा और संसद से जुड़े अन्य विषयों को उठाना चाहते हैं, जिनमें महिला सांसदों के खिलाफ लगाए गए आरोप भी शामिल हैं.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता अभिषेक बनर्जी, डीएमके नेता टी. आर. बालू और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी मौजूद थे. विपक्षी नेताओं ने गतिरोध खत्म करने के लिए लोकसभा के आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को रद्द करने का आग्रह अध्यक्ष से किया.






