सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी मामले में कांग्रेस ने एसआईटी जांच पर सवाल उठाए हैं। केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि जांच गृह विभाग के नियंत्रण में है और असली दोषी अब तक सामने नहीं आए हैं। उन्होंने सोने की बरामदगी को श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा अहम मुद्दा बताया।
तिरुवनंतपुरम – केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोना चोरी मामले में सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि जांच स्वतंत्र नहीं है और इसे राज्य के गृह विभाग द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे सच सामने आने में देरी हो रही है।
सनी जोसेफ ने कहा कि हाईकोर्ट ने साफ तौर पर संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ बड़े और प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिन तक अब तक जांच एजेंसी नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से की गई साजिश है। ऐसे मामलों में अगर जांच पर दबाव हो, तो सच्चाई सामने आना मुश्किल हो जाता है।
सोने की बरामदगी पर जोर
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि सबरीमाला से चोरी हुआ सोना आखिर कहां है। उन्होंने कहा कि इस सोने की बरामदगी बेहद जरूरी है, क्योंकि यह न केवल कानूनी सबूत है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से भी जुड़ा मामला है। सनी जोसेफ ने कहा कि आस्था के केंद्र से जुड़े इस अपराध को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
गृह विभाग पर आरोप
सनी जोसेफ ने कहा कि कांग्रेस शुरू से यह कहती आ रही है कि एसआईटी की जांच संतोषजनक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी की डोर राज्य के गृह विभाग से बंधी हुई है। इसी वजह से निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। हालांकि, जब उनसे सीबीआई जांच की मांग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है और फैसला कोर्ट को ही करना चाहिए।
गौरतलब है कि सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर लंबे समय से सोना नुकसान मामले को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहा है। एसआईटी इस मामले में जांच कर रही है और अब तक त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो पूर्व अध्यक्षों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में एसआईटी ने अदालत को बताया कि स्मार्ट क्रिएशंस के पंकज भंडारी और बल्लारी के जौहरी गोवर्धन रोड्डम ने इस साजिश में भूमिका निभाई। दोनों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि जब तक बड़े नाम सामने नहीं आते, तब तक जांच अधूरी है।






