बीजापुर – छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को बड़ा झटका लगा है। गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले राज्य के सुकमा और बीजापुर में 51 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बीजापुर में साउथ सब जोनल ब्यूरो से संबंधित कुल 30 इनामी माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इन कैडरों पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में 20 महिलाएँ और 10 पुरुष शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र विचारधारा को त्यागकर शांति, संवाद और विकास का मार्ग अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
शांति और विकास की ओर बढ़ता बीजापुर
बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता रही है। ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ जैसी पहलों के माध्यम से, सरकार नक्सलियों को हिंसा का मार्ग छोड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इन नक्सलियों के समर्पण से न केवल क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास की गति को भी बल मिलेगा। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं कि अधिक से अधिक नक्सली हिंसा का त्याग कर शांतिपूर्ण जीवन अपना सकें। यह कदम क्षेत्र में विश्वास बहाली और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।