9 हार्डकोर माओवादियों ने किया सरेंडर
रविवार को ही गरियाबंद एसपी वेदव्रत सिरमौर्य राजा डेरा पहुंचे थे. राजा डेरा जाकर एसपी ने ग्रामीणों से मुलाकात की थी. गांव वालों से एसपी ने कहा था कि अगर सक्रिय नक्सली सरेंडर कर देते हैं तो इलाके में विकास का काम तेजी से होगा. सरेंडर करने वाले माओवादियों को नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मदद भी मिलेगी. एसपी के दौरे के करीब 24 घंटे बाद ठीक उसी जगह पर सुबह 11 बजे नक्सली सरेंडर के लिए पहुंचे. वहां से सभी माओवादियों को गाड़ी में बिठाकर जिला मुख्यालय लाया गया. जहां पहले से ही आईजी अमरेश मिश्रा मौजूद रहे. सभी 9 नक्सलियों ने आईजी के सामने सरेंडर कर दिया.
हम गरियाबंद को नक्सल मुक्त जिला घोषित नहीं कर सकते हैं, पर यह तो तय है कि गरियाबंद जिले में सक्रिय नक्सलियों की लिस्ट अब घटकर काफी कम रह गई है. 9 नक्सलियों का एक साथ यहां पर सरेंडर करना एक बड़ी सफलता है. ये बड़ी सफलता आने वाले 26 जनवरी से पहले मिली है. इसलिए इसका महत्व और बढ़ जाता है: अमरेश मिश्रा, आईजी
परिजनों की पहल पर सरेंडर
जिस भालू डिग्गी और राजाडेरा में 2 सीसी मेंबर समेत 20 से ज्यादा माओवादी मारे गए थे, आज सरेंडर करने वाले नक्सली उसी एरिया में सक्रिय थे. इनकी सक्रियता को खत्म करने के इरादे से प्रशासन लगातार काम कर रहा था. इसी कड़ी में इनको सरेंडर कराने के लिए लोगों की भी मदद ली गई. आज तब बड़ी सफलता मिली जब अंजू और बलदेव के नेतृत्व में नक्सलियों की एक टुकड़ी ने सरेंडर कर दिया. सरेंडर करने वाले माओवादी गरियाबंद और ओडिशा के बार्डर एरिया में एक्टिव थे. सरेंडर नक्सली अंजू और बलदेव के परिजनों ने भी 2 दिन पहले उनसे सरेंडर की अपील की थी. एक और महिला नक्सली उषा भी इलाके में सक्रिय है, जिसके सरेंडर के लिए पुलिस लगातार कोशिश कर रही है.






