Home देश ग्रीन फाइलों में ऐसा कौन सा सच? जिन्हें लेने ED रेड के...

ग्रीन फाइलों में ऐसा कौन सा सच? जिन्हें लेने ED रेड के दौरान ही पहुंच गईं ममता बनर्जी, जानें IPAC से क्या है रिश्ता

23
0
कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान सियासी घमासान तेज हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है.

कोलकाता – केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से कोलकाता में IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर की गई छापेमारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है।छापेमारी के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मौके पर पहुंचना इस कार्रवाई को और भी संवेदनशील और राजनीतिक रूप से अहम बना रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े एक मामले में प्रतीक जैन के घर और कार्यालय में एक साथ तलाशी ले रही है। जांच टीम दस्तावेजों की जांच, डेटा की पड़ताल और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर रही थी, तभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीधे उस स्थान पर पहुंच गईं, जहां ईडी की कार्रवाई चल रही थी। उनके वहां पहुंचते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

ममता का आरोप: पार्टी के दस्तावेज और रणनीति निशाने पर

ममता बनर्जी ने ईडी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी उनकी पार्टी के कागजात, डेटा शीट, हार्ड डिस्क और रणनीतिक दस्तावेज जब्त करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि “किस अधिकार से किसी पार्टी की कैंडिडेट लिस्ट, रणनीति और आंतरिक योजना ली जा रही है? क्या यही ईडी का काम है? ममता ने इसे राजनीतिक उत्पीड़न करार देते हुए कहा कि यह कार्रवाई गृह मंत्री की स्क्रिप्ट पर की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अगर मैं भी बीजेपी के पार्टी ऑफिस में रेड कराऊं तो क्या होगा?”

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चुनावों के मद्देनजर SIR के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मतदाताओं के नाम डिलीट किए जा रहे हैं और दूसरी तरफ अवैध तरीके से संवेदनशील डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। ममता ने इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया।

पहले से थी जानकारी, डेटा सुरक्षित

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की पहले से जानकारी थी, इसलिए पार्टी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण हार्ड डिस्क और डेटा पहले ही सुरक्षित कर लिए गए थे, ताकि पार्टी के आंतरिक कामकाज और रणनीति को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने बताया कि पार्टी का आईटी ऑफिस पहले भी निशाने पर रहा है और वह खुद जाकर स्थिति की समीक्षा कर रही हैं।

IPAC ऑफिस में फाइलों को लेकर बवाल

ईडी की कार्रवाई के दौरान कोलकाता के IPAC (टीएमसी आईटी दफ्तर) में जमकर हंगामा हुआ। बताया गया कि वहां से फाइलें एक कार में रखी गईं, जिसका नंबर WB-06-5555 है। मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारी कार को घेरे हुए नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम ने हालात को और विवादित बना दिया।

पश्चिम बंगाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरकारी काम में बाधा डाल रही हैं और ईडी को ममता के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि ममता की गाड़ी में फाइलें रखना पूरी तरह गलत है।

छह राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी

गौरतलब है कि गुरुवार सुबह से ही ईडी छह राज्यों में कुल 15 स्थानों पर छापेमारी कर रही है। यह कार्रवाई एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जो फर्जी सरकारी नौकरी जॉइनिंग लेटर घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एक संगठित गिरोह की भूमिका की जांच की जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई और ममता बनर्जी की खुली प्रतिक्रिया के बाद साफ है कि आने वाले दिनों में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच सियासी टकराव और तेज हो सकता है।