छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में दूसरी बार जेल भेजी गईं सौम्या चौरसिया की जमानत याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे।
बिलासपुर – शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में दूसरी बार जेल गई सौम्या चौरसिया के जमानत आवेदन पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। राज्य शासन ने जवाब पेश करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। सिंगल बेंच ने राज्य शासन कको जवाब पेश करने के लिए कल तक का समय दिया है। गुरुवार को सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई होगी।
शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में ED ने सौम्या चौरसिया को दूसरी मर्तबे गिरफ्तार किया है। सौम्या जेल में बंद हैं। अपने अधिवक्ता के माध्यम से ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। ACB व EOW के प्रोडक्शन वारंट के मामले में दोनों पक्षों की तरफ से अधिवक्ताओं ने अपने तर्क पेश किया।
EOW के प्रोडक्शन वारंट पर 8 जनवरी को सुनवाई होगी। बता दें कि शराब घोटाले से संबंधित मामलों की 13 जनवरी से स्पेशल कोर्ट में ट्रायल प्रारंभ होगा। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि, तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज है।
शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में सौम्या चौरसिया के दूसरी मर्तबे गिरफ्तारी के बाद ब्यूरोक्रेट्स और छत्तीसगढ़ की सियासत में एक ही सवाल तैर रहा है, सुप्रीम कोर्ट से बेल में चल रहे घोटालेबाज आबकारी अफसरों का क्या होगा। ईडी ने इन अफसरों को भी अपने अंतिम चार्जशीट में आरोपी बनाया है। चर्चा तो इस बात की भी हो रही है कि ईडी कभी भी इन अफसरों को पूछताछ के लिए समंस जारी कर सकता है। पूछताछ के बाद सौम्या की तर्ज पर गिरफ्तारी की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि सौम्या चौरसिया के अलावा आईएएस अफसरों को हाई कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। सौम्या सहित इन अधिकारियों पर कोल लेव्ही वसूली का आरोप है।
ईडी ने अटैच की प्रापर्टी
स्पेशल कोर्ट में चार्ज शीट पेश करने से पहले ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने भाटिया वाइन, छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, वेलकम डिस्टलरी और आबकारी अधिकारियों की संपत्ति अटैच की है। ED ने दो दिन प्रापर्टी अटैच करने की कार्रवाई की। शराब बनाने वाली तीनों कंपनियों की 68 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच की गई है। शराब घोटाले के आरोपी तत्कालीन आबकारी कमिश्नर निरंजन दास सहित 31 आबकारी अधिकारियों की 38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। शराब घोटाले में ईडी ने अब तक 382 करोड़ से अधिक संपत्ति का अटैच किया है।
ईडी ने कंपनियों को बनाया आरोपी
छत्तीसगढ़ डिस्टलरी, भाटिया वाइन मर्चेंट, वेलकम डिस्टलरी, अदीप एग्रोटेक प्रा.लि., पीटरसन बायो रिफाइनरी, ढिल्लन सिटी मॉल, टॉप सिक्योरिटी एंड फैसिलिटी मैनेजमेंट, ओम साईं बेवरेज, दिशिता वेंचर्स प्रा.लि., नेक्सजेन इंजिटेक, एजेएस एग्रोट्रेड प्रा.लि., ढेबर बिल्डकॉन, प्राइम डेवलपर्स, इंडियन बिल्डकॉन और प्रिज्म होलोग्राफी।
बल के बाद फिर जेल गई सौम्या
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में, प्रवर्तन निदेशालय ED ने 2 दिन पहले पूर्व CM भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। PMLA कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने दो दिन की रिमांड दी थी। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ED ने सौम्या को कोर्ट में पेश किया।
ED ने पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयान के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। ED को सौम्या चौरसिया, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर-चैतन्य बघेल के बीच हुई वाट्सएप चैट्स में कई अहम सबूत मिले हैं।
ED के मुताबिक ACB, EOW ने IPC, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। जांच में पता चला है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को बड़ा नुकसान हुआ। 2500 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई की गई।
ED की जांच में पता चला कि सौम्या चौरसिया को तकरीबन 115.5 करोड़ रुपए की POC मिली थी। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त सामग्री और लिखित बयानों व सबूतों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की एक सक्रिय मेंबर थीं।
जांच एजेंसी के अनुसार डिजिटल सबूत अनिल टुटेजा और चैतन्य बघेल सहित सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के बीच केंद्रीय समन्वयकर्ता और मध्यस्थ के रूप में उनकी भूमिका की पुष्टि करते हैं, जिससे अवैध धन के उत्पादन और लॉन्ड्रिंग में सुविधा हुई। बरामद चैट से सिंडिकेट के शुरुआती संगठन में उनकी संलिप्तता का पता चला।
अरुणपति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर रखने में मदद करना शामिल है। इससे पहले, अनिल टुटेजा पूर्व-IAS; अरविंद सिंह; त्रिलोक सिंह ढिल्लो, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा, चैतन्य बघेल को ED ने इस मामले में गिरफ्तार किया था।






