नगरोटा के पटियालकड़ में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, वर्दी में आखिरी सलामी देती पत्नी ने सबको रुलाया
भारतीय वायु सेना के शौर्य और पराक्रम की झलक दुनिया के सामने रखते वक्त वीरगति को प्राप्त विंग कमांडर नमांश स्याल का रविवार को उनके पैतृक गांव पटियालकड़ में पूरे सैन्यसम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। चचेरे भाई निशांत ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के मौके पर उनकी पायलट पत्नी अफसान वर्दी पहनकर पहुंचीं, जहां उन्होंने पति को अंतिम सैल्यूट किया। एयरफोर्स के अधिकारी उन्हें संभालते हुए दिखे। यह लम्हा वहां मौजूद लोगों की आंखों में पानी भर गया। दिवंगत सैनिक की पार्थिव देह को गगल हवाई अड्डे से सेना के वाहन में उनके पैतृक गांव पटियालकड़ लाया गया, जिसकी अगवाई तिरंगे के साथ स्थानीय लोगों ने बाइक, स्कूटर और कारों से की। दोपहर बाद जैसे ही गाडिय़ों का काफिला तिरंगे में लिपटे सपूत को लेकर गांव पहुंचा, तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। लोग युबह से ही भारत माता के सुपूत को अंतिम विदाई देने गांव में जुटने शुरू हो गए थे। अंतिम यात्रा में हर वर्ग के लोग, बच्चे, बूढ़े, नौजवान व महिलाएं भी शामिल हुईं। शहीद को अंतिम विदाई व सलामी देने के लिए वायु स्टेशन पठानकोट से सैनिक अधिकारियों का बड़ा अमला भी मौजूद रहा ।
प्रदेश सरकार की ओर से आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, पर्यटन निगम के अध्यक्ष आरएस बाली, एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, पूर्व मंत्री विपिन परमार, नगरोटा के पूर्व विधायक अरुण मेहरा, डीसी कांगड़ा हेम राज, एसपी मयंक चौधरी, एसडीएम नगरोटा बगवां मुनीश शर्मा, डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि चेन्नई में सेवारत पटियालकड़ के भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर नमांश स्याल का 21 नवंबर को उस समय देहांत हो गया था, जब दुबई में भारतीय वायु सेना के एयर शो के दौरान भारतीय फाइटर जेट तेजस दुर्घटना का शिकार हो गया था। दिवंगत सैनिक वर्ष 2009 में भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ था तथा उनकी पत्नी भी वायु सेना में अधिकारी है। मृतक अपने पीछे छह साल की बेटी छोड़ गया है। दिवंगत नमांश की मौत को मातृभूमि के लिए एक बड़े बलिदान के रूप में देखा जा रहा है।
दुबई एयर शो में रूसी विमानों ने मिसिंग मैन फार्मेशन बनाकर नमांश स्याल को दी श्रद्धांजलि
दुबई। दुबई एयरशो के आखिरी दिन रविवार को रूसी विमानों की टीम ने तेजस हादसे में मारे गए विंग कमांडर नमांश स्याल को खास श्रद्धांजलि दी। रूसी विमानों ने आकाश में मिसिंग मैन फॉर्मेशन बनाया। बता दें कि मिसिंग मैन फार्मेशन एक खास एरियल ट्रिब्यूट है, जो सेना और एयर फोर्स में किसी पायलट या सैनिक के सम्मान में बनाई जाती है। इसमें फाइटर जेट्स एक तय फार्मेशन में उड़ते हैं, लेकिन फार्मेशन में शामिल एक विमान अचानक ऊपर की ओर उठकर अलग हो जाता है। यह उस अनुपस्थित साथी का प्रतीक होता है, जो अब लौटकर नहीं आएगा। यह दुनिया भर में बहादुर पायलटों और सैनिकों को अंतिम सम्मान देने का सबसे प्रभावी और भावुक तरीका माना जाता है।






