रायपुर की पुरानी बस्ती पुलिस थाने से मिली जानकारी के मुताबिक ठग ने खुद को कर्नाटक पुलिस का अफसर बताकर शिकायतकर्ता प्रोफेसर को कॉल किया. इसके बाद अपराध के गंभीर धाराओं के केस में फंसाने की धमकी देकर एक महीने तक प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट में रखा. इस दौरान ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में करीब 88 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए.
रायपुर – छत्तीसगढ़ में डिजिटल अरेस्ट का एक और बड़ा मामला सामने आया है। राजधानी रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज में पदस्थ प्रोफेसर से ठगों ने 88 लाख की ठगी कर ली। आरोपियों ने मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अपराध में फ़साने की धमकी देकर एक महीने तक प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट करके रखा। प्रोफेसर को जब खुद के साथ धोखाधड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने पुरानी बस्ती थाने में केस दर्ज कराकर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। पीड़ित प्रोफेसर शासकीय इंजीनियर काॅलेज रायपुर में पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पास कुछ समय पहले काॅल आया था। फोन करने वाले ने खुद को ईडी का अफसर बताया और प्रोफेसर का नाम मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग में होना बताया।
आरोपी ने पीड़ित प्रोफेसर से नीजी जानकारी लेकर अलग-अलग अकाउंट में 88 लाख ट्रांसफर करवा लिया। पीड़ित ने बताया कि करीब एक महीने तक ठग ने डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की घटना को अंजाम देता रहा।
पीड़ित को जब खुद के साथ ठगी की जानकारी हुई तो उसने इसकी शिकायत पुरानी बस्ती थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है।






