नई दिल्ली – ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को ललकार कर राहुल गांधी बैठे ही थे कि पीएम मोदी मंच पर आ गए. फिर उन्होंने एक-एक कर नेहरू-गांधी परिवार के कारनामे गिना डाले. बताया कि किस तरह अक्साई चिन भारत से चला गया. किस तरह पीओके लेने का मौका हमने गवां दिया. किस तरह सिंधु जल समझौता एक धोखा था. PM मोदी ने 60 साल की कहानी सुनाते हुए कहा, लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई…
पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद से ही जो फैसले लिए गए, उनकी सजा आज तक देश भुगत रहा है. अक्साई चिन की जगह, उस पूरे क्षेत्र को ‘बंजर जमीन’ करार दिया गया, यह कहकर के देश की 38,000 वर्ग किलोमीटर जमीन हमें खोनी पड़ी.
मैं जानता हूं मेरी कुछ बातें चुभने वाली हैं.
1962 और 1963 के बीच, कांग्रेस के नेता जम्मू कश्मीर के पुंछ, उरी, नीलम वैली और किशनगंगा को छोड़ देने का प्रस्ताव रख रहे थे. वो भी लाइन ऑफ पीस के नाम पर किया जा रहा था.
1966 : रण ऑफ कच्छ पर इन्हीं लोगों ने मध्यस्थता स्वीकार की थी. एक बार फिर उन्होंने 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पाकिस्तान को सौंप दिया.
1965 की जंग में हाजी पीर पास को सेना ने वापस जीत लिया था, लेकिन कांग्रेस ने उसे फिर लौटा दिया.
1971 : पाकिस्तान के 93 हजार फौजी हमारे पास बंदी थे. पाकिस्तान का हजारों वर्ग किलोमीटर एरिया हमारी सेना ने कब्जा किया था. हम बहुत कुछ कर सकते थे. उस दौरान, अगर थोड़ा सा विजन होता, थोड़ी सी समझ होती तो POK वापस लेने का निर्णय हो सकता था. वो मौका था, वो मौका भी छोड़ दिया गया. इतना सब कुछ जब टेबल था तो कम से कम करतारपुर साहिब को तो ले सकते थे.
1974 : श्रीलंका को कच्चीतिवु गिफ्ट कर दिया गया. आज तक भारतीय मछुआरों की जान पर आफत आती है
कांग्रेस दशकों से यह इरादा लेकर चल रही थी कि सियाचिन से सेना हटा दी जाए. 2014 में देश ने इनको मौका नहीं दिया वर्ना आज सियाचिन भी हमारे पास नहीं होता.
आज जो लोग हमें डिप्लोमेसी का पाठ पढ़ा रहे हैं, मैं उन्हें कुछ डिप्लोमेसी याद दिलाना चाहता हूं.
26/11 के आतंकी हमले के बाद कांग्रेस का पाकिस्तान से प्रेम नहीं रुका. विदेशी दबाव में हमले के कुछ हफ्तों के भीतर ही, कांग्रेस सरकार ने पाकिस्तान से बातचीत शुरू कर दी.
कांग्रेस सरकार ने एक भी डिप्लोमेट को भारत से बाहर निकालने की हिम्मत नहीं की. एक वीजा तक कैंसिल नहीं किया. देश पर पाकिस्तानी स्पॉसर्ड बड़े-बड़े हमले होते गए, लेकिन यूपीए सरकार ने पाकिस्तान को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा देकर रखा था.
एक तरफ देश मुंबई के हमले का न्याय मांग रहा था, यूपीए सरकार पाकिस्तान के साथ व्यापार करने में लगी थी. पाकिस्तान वहां से खून की होली खेलने वाले, य






