Home छत्तीसगढ़ भागवत बोले-हिंदुत्व एकमात्र विचारधारा जिसकी विविधता में एकता, कोई काम देश सेवा...

भागवत बोले-हिंदुत्व एकमात्र विचारधारा जिसकी विविधता में एकता, कोई काम देश सेवा के लिए चुनें

33
0
मोहन भागवत का उत्तर छत्तीसगढ़ का दौरा भाजपा के लिए संजीवनी की तरह देखा जा रहा है। इसससे आदिवासी बहुल इलाके में संघ की पैठ मजबूत होगी। इसके साथ ही संघ की विचारधारा को मजबूती मिलेगी। इसका सीधा असर आगामी विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा। वर्तमान में आदिवासी बाहुल्य सरगुजा संभाग की सभी 14 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। 
बौद्धिक कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शिरकत की
अंबिकापुर – राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, देश को भारत को वैभवशाली, सामर्थ्यवान बनाना ही हम सभी का उद्देश्य है। जो भारत को अपनी माता मानता हैं, वे हिंदू हैं। एकमात्र हिंदुत्व ही ऐसी विचारधारा है, जिसकी विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि, संघ की शाखा में आने वाले की जात-पात नहीं पूछी जाती। भारतवर्ष की विविधता में भी एकता है। सारी विविधता का संघ सम्मान करता है। संघ प्रमुख मंगलवार को अंबिकापुर में बाद्धिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
आपस में कितना भी लड़ें, पर संकट के समय एक हैं

पीजी कॉलेज मैदान में हो रहे कार्यक्रम में संघ प्रमुख भागवत ने कहा कि, हमारा स्वार्थ पूरे भारत का उत्थान है। संघ का कोई अपना स्वार्थ नहीं है। संघ को कोई लोकप्रियता नहीं चाहिए। जब संघ प्रारंभ हुआ था, तो विचारधारा के साथ लोगों का विश्वास कम था। आज कई तरह के आरोपों से भड़काने के बाद भी समाज संघ पर विश्वास करता है। उन्होंने कहा कि जब भी भारत पर संकट आता है तो हम बस भूल जाते हैं। आपस में कितना भी लड़ते रहें, लेकिन संकट के समय सब एक हो जाते हैं।

अपने धर्म के साथ दूसरे का भी सम्मान करें, सबमें ईश्वर
भागवत ने कहा, हम घर पर किसी भी देवी-देवता की पूजा करतें हों, किसी भी धर्म के हों, लेकिन देश के लिए हम एकजुट हो जाते हैं। हमें अपने धर्म के साथ दूसरे के धर्म का उतना ही आदर करना चाहिए। मातृभूमि ही सर्वोपरि है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू संप्रदाय नहीं है, जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा, सभी धर्मों का यही उपदेश है कि सब में ईश्वर है। प्रेम से रहो, सेवा करो। मनुष्य अलग-अलग होता है, अलग सोचता है, लेकिन सबमें ईश्वर है।

बच्चों को अच्छे संस्कार दें
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारी आदतों को ठीक करने की जरूरत है। शाखा में आकर कुछ समय दें। कोई काम चुनें और देश के लिए काम करें। देश की सेवा के लिए समय लगाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार दें। बच्चों में दान देने की आदत डालें। यदि आप दान करते हैं तो बच्चों के हाथ से दिलवाएं, ताकि बच्चे इसे कायम रख सकें। हमें हमारी संस्कृति को जीना है।

चार जिलों के 10 हजार से अधिक स्वयं सेवक जुटे
संघ प्रमुख मोहन भागवत के अंबिकापुर प्रवास के अवसर पर संभाग मुख्यालय में चार जिलों के 10 हजार से अधिक स्वयं सेवक जुटे। सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया व जशपुर जिले से बड़ी संख्या में संघ के स्वयं सेवक अंबिकापुर पहुंचे थे। पूर्ण गणवेश में पहुंचे स्वयं सेवकों ने पथ संचालन किया और पीजी कॉलेज मैदान पहुंचे। बौद्धिक कार्यक्रम में स्वयं सेवकों के साथ नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी।

आदिवासी समाज के चक्काजाम ने बदला पथ संचलन का मार्ग
छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने अपनी 3 मांगों को लेकर शहर के गांधी चौक पर चक्काजाम करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान आरएसएस के पथ संचलन का मार्ग परिवर्तित करना पड़ा। सर्व आदिवासी समाज ने गांधी चौक पर चक्काजाम किया था। वहीं पथ संचलन को विभिन्न मार्गों से गांधी चौक होते हुए पीजी कॉलेज मैदान में पहुंचना था।अमर उजाला से