टीम के माध्यम से छय रोग की पहचान एवं उपचार होगा प्रभावी
कलेक्टर रणबीर शर्मा की मौजूदगी में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण समारोह हुआ आयोजित
गरियाबंद – टीबी मुक्त भारत अभियान के लक्ष्य को साकार करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा जोश टीम का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। जोश टीम के माध्यम से क्षय रोग की पहचान, जांच, उपचार और जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसी तारतम्य में कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर और सीएमएचओ डॉ. यू.एस. नवरत्न के नेतृत्व में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण एवं टीबी मुक्त पंचायत सम्मान समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम में ब्लॉक नोडल क्लास-1 अधिकारी, हेल्थ केयर वर्कर, एनसीसी कैडेट, माय भारत वॉलेंटियर और सरपंचों को टीबी के लक्षण, उपचार और बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।
टीबी मुक्त पंचायतों का सम्मान
विकासखंड गरियाबंद के अंतर्गत टीबी मुक्त पंचायत सूचकांक में योग्य पाई गई ग्राम पंचायतों को कलेक्टर रणबीर शर्मा और जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर द्वारा प्रमाण पत्र, गांधी जी की मूर्ति और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने दिया जागरूकता का संदेश
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने स्वस्थ जीवन शैली की जानकारी देते हुए समय पर जांच और इलाज के लिए लोगों को जागरूक किया और सभी जनप्रतिनिधियों व सरपंचों से टीबी मुक्त भारत की परिकल्पना में शत-प्रतिशत सहयोग की अपील की।सीईओ प्रखर चंद्राकर ने टीबी मुक्त हुई पंचायतों के सरपंचों को बधाई दी।
सीएमएचओ डॉ. यू.एस. नवरत्न ने जिले को टीबी मुक्त बनाने का आह्वान किया। सिविल सर्जन डॉ. वाय.के. ध्रुव ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए उच्च पोषण और गर्म भोजन लेने की सलाह दी।
जिला क्षय अधिकारी डॉ. ए.के. हुमने ने बताया कि बुजुर्ग, गंभीर बीमारी से ग्रसित, शुगर-बीपी के मरीज, नशा करने वाले और कुपोषित व्यक्तियों जैसे उच्च जोखिम समूह को हर तीन माह में बलगम जांच और एक्स-रे कराना चाहिए।कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक गनपत नायक ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।




